उत्तर प्रदेश: योगी राज में पीडब्ल्यूडी में टेंडरों का खेल, इंजीनियरों की अंधेरगर्दी जारी

Corruption
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लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति को लोक निर्माण विभाग पलीता लगा रहा है। ताजा मामला हरदोई जिले है। यहां एक सड़क को लेकर हुए टेंडर को अधिकारियों और इंजीनियरों ने मनमाने तरीके से निरस्त कर दिया। बिना किसी ठोस कारण के टेंडर निरस्त करना महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पूरे प्रकरण में सत्ताधारी विधायकों की संलिप्तता और बड़े पैमाने पर पैसों के लेनदेन की बात सामने आ रही है।

Uttar Pradesh Game Of Tenders In Pwd In Yogi Raj Engineers Continue Blindfolded :

दरअसल अधिशाषी अभियंता , निर्माण खंड 1 लोक निर्माण विभाग हरदोई ने शाहाबाद-पाली- सैदपुर मार्ग से भरखनी ब्लॉक आफिस तक मार्ग चौड़ी करके एवं सुदृढ़ीकरण के लिए ​2253.39 लाख रुपए का टेंडर निकाला था। इसके लिए कई फर्मो ने टेंडर भरा और जरूरी औपचारिकताएं पूरी। लोनिवि ने जांच पड़ताल के बाद यह काम मेसर्स राम सनेही एण्ड संस को दे दिया।

काम मिलने के कुछ दिन बाद ही 31 जनवरी 2020 को अधीक्षण अभियंता मन्नी लाल ने फर्म को पत्र लिखकर कहा कि उक्त काम की मूल बिड अधिशासी अभियंता निर्माण खंड 1, हरदोई को उपलब्ध करा दें। क्योंकि सड़क चौड़ी करण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए धन का आवंटन हो चुका है और काम में देरी हो रही है। विभाग से पत्र मिलने के बाद फर्म के संचालकों ने जल्दी से जरूरी औपचारिकताएं पूरी की।

इसके तुरंत बाद विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना के टेंडर निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया। टेंडर निरस्त करते समय लोक निर्माण विभाग ने फर्म पर गंभीर आरोप लगाए। जबकि यह फर्म लोनिवि में कई बड़े काम पहले से कर रही है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अगर फर्म विवादित थी और वह ठीक से काम नहीं कर रही थी तो अब तक उसकी जांच करके ब्लैक लिस्टेड क्यों नहीं किया गया। य​दि फर्म ठीक है तो फिर किसके इशारे पर यह टेंडर निरस्त किया गया है। खासबात यह है कि इस पूरे प्रकरण की जानकारी एक्सीएन से लेकर चीफ इंजीनियर और प्रमुख सचिव तक को थी लेकिन हर कोई चुप्पी साधे हुए है।

7 फरवरी अधीक्षक अभियंता मन्नी लाल ने मुख्य अभियंता (मध्य क्षेत्र) को पत्र लिखकर कहा कि अधिशासी अभियंता निर्माण खंड 1, लोनिवि हरदोई पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अधिशासी अभियंता जान बूझ कर काम में देरी कर रहे हैं। लिहाजा यह काम अधिशासी अभियंता लोक निर्माण खंड 2, लोनिवि हरदोई (मुख्य बिलग्राम) से कराने की संस्तुति की। ऐसा न करके अधिकारियों ने टेंडर को ही निरस्त कर दिया। इस नाटकीय घटनाक्रम में सत्ताधारी वि​धायकों की संलिप्तता सामने आ रही है, जिस पर सब मौन साध गए हैं।

लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति को लोक निर्माण विभाग पलीता लगा रहा है। ताजा मामला हरदोई जिले है। यहां एक सड़क को लेकर हुए टेंडर को अधिकारियों और इंजीनियरों ने मनमाने तरीके से निरस्त कर दिया। बिना किसी ठोस कारण के टेंडर निरस्त करना महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पूरे प्रकरण में सत्ताधारी विधायकों की संलिप्तता और बड़े पैमाने पर पैसों के लेनदेन की बात सामने आ रही है। दरअसल अधिशाषी अभियंता , निर्माण खंड 1 लोक निर्माण विभाग हरदोई ने शाहाबाद-पाली- सैदपुर मार्ग से भरखनी ब्लॉक आफिस तक मार्ग चौड़ी करके एवं सुदृढ़ीकरण के लिए ​2253.39 लाख रुपए का टेंडर निकाला था। इसके लिए कई फर्मो ने टेंडर भरा और जरूरी औपचारिकताएं पूरी। लोनिवि ने जांच पड़ताल के बाद यह काम मेसर्स राम सनेही एण्ड संस को दे दिया। काम मिलने के कुछ दिन बाद ही 31 जनवरी 2020 को अधीक्षण अभियंता मन्नी लाल ने फर्म को पत्र लिखकर कहा कि उक्त काम की मूल बिड अधिशासी अभियंता निर्माण खंड 1, हरदोई को उपलब्ध करा दें। क्योंकि सड़क चौड़ी करण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए धन का आवंटन हो चुका है और काम में देरी हो रही है। विभाग से पत्र मिलने के बाद फर्म के संचालकों ने जल्दी से जरूरी औपचारिकताएं पूरी की। इसके तुरंत बाद विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना के टेंडर निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया। टेंडर निरस्त करते समय लोक निर्माण विभाग ने फर्म पर गंभीर आरोप लगाए। जबकि यह फर्म लोनिवि में कई बड़े काम पहले से कर रही है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अगर फर्म विवादित थी और वह ठीक से काम नहीं कर रही थी तो अब तक उसकी जांच करके ब्लैक लिस्टेड क्यों नहीं किया गया। य​दि फर्म ठीक है तो फिर किसके इशारे पर यह टेंडर निरस्त किया गया है। खासबात यह है कि इस पूरे प्रकरण की जानकारी एक्सीएन से लेकर चीफ इंजीनियर और प्रमुख सचिव तक को थी लेकिन हर कोई चुप्पी साधे हुए है। 7 फरवरी अधीक्षक अभियंता मन्नी लाल ने मुख्य अभियंता (मध्य क्षेत्र) को पत्र लिखकर कहा कि अधिशासी अभियंता निर्माण खंड 1, लोनिवि हरदोई पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अधिशासी अभियंता जान बूझ कर काम में देरी कर रहे हैं। लिहाजा यह काम अधिशासी अभियंता लोक निर्माण खंड 2, लोनिवि हरदोई (मुख्य बिलग्राम) से कराने की संस्तुति की। ऐसा न करके अधिकारियों ने टेंडर को ही निरस्त कर दिया। इस नाटकीय घटनाक्रम में सत्ताधारी वि​धायकों की संलिप्तता सामने आ रही है, जिस पर सब मौन साध गए हैं।