धनतेरस, दीवाली बाद समाजवादियों के दो और पर्व होंगे, जानिए कौन से

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को परिषदीय स्कूलों के बच्चों को मध्याह्न् भोजन के लिए मुफ्त में बर्तन सुलभ कराने की योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने अपनी रथ यात्रा और सपा के रजत जयंती समारोह का जिक्र करते हुए कहा की धनतेरस और दीवाली बाद समाजवादियों के दो और पर्व होंगे। राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज के धनुवासांड़ स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में थाली व गिलास वितरण योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को बर्तन दिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन ने की।




इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने चुनाव घोषणा पत्र में एलान करेगी कि सत्ता में आने पर परिषदीय विद्यालयों के पाठ्यक्रम और किताबें निजी स्कूलों के समान होंगी। अखिलेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “जब अखबारों में सेना की सर्जिकल कार्रवाई के बारे में पढ़ा तो उसका मतलब जानने के लिए गूगल पर सर्च किया। लेकिन जब आज (शुक्रवार) मीडिया में खबर आई कि मुख्यमंत्री ने सर्जिकल कार्रवाई की है तो उसका असली अर्थ समझ गया।”




भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा, “अभी वह इटावा में जिस मंच से भाषण दे रहे थे, उसी के पीछे गुजरात से लाए गए शेर भी थे, जिन्होंने दो शावकों को जन्म दिया है। लेकिन भाजपा नेता उनसे मिले बिना चले गए। इसलिए भाजपा वालों से सावधान रहना। पिछले चुनाव में भाजपा वालों का हर भाषण भारत माता की जय से शुरू होता था, जनता को गुमराह करने के लिए इस बार कुछ और करेंगे।”

उल्लेखनीय है कि स्कूल आने वाले बच्चों की संख्या को देखते हुए फिलहाल एक करोड़ बच्चों के लिए बर्तन खरीदे गए हैं। राजधानी में मुख्यमंत्री द्वारा योजना का शुभारंभ किए जाने के साथ ही प्रदेश की सभी तहसीलों के कुछ स्कूलों में भी बच्चों को बर्तन उपलब्ध कराए जाएंगे।