दुष्कर्म का अरोपी शौच क्रिया के बहाने पुलिस अभिरक्षा से फरार

जालौन। मूक बाधिर महिला के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को जालौन पुलिस ने पकड़ लिया और जेल भिजवाने की कार्यवाही कर दी। किन्तु अधिक समय व्यतीत हो जाने के कारण जेल में दुष्कर्म के आरोपी का दाखिला नहीं हो पाया। जिससे अभिरक्षा में तैनात एस0आई0 मनोज कुमार सैनी अपने दो सहयोगी पुलिस कर्मियों के साथ उसे कोतवाली उरई में रात व्यतीत करने के लिए ले गये और उसे कोतवाली में छोड़कर वापस जालौन चले गये। आरोपी कोतवाली में हेड कांस्टेबिल व मुंशी की देख-रेख में रात भर रहा। किन्तु भोर होते ही उसने शौच क्रिया का बहाना बनाते हुए शौच क्रिया कराने गये पुलिस कर्मी को चकमा देकर पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। जानकारी होने पर शहर कोतवाली पुलिस ने काफी खोजबीन की लेकिन आरोपी का कोई भी पता न चल सका। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने विवेचना कर रहे एस0आई0 सहित आधा दर्जन पुलिस कर्मियों को निलम्बित कर दिया।




प्राप्त जानकारी के अनुसार कस्बा जालौन के मुहल्ला खटीकान निवासी इरसाद उर्फ मिच्चू ने मुक बाधिर महिला को पकड़कर अपनी हवस का शिकार उस समय बना लिया था जव महिला घर से शौच क्रिया के लिए निकली थी। मिच्चू ने जब महिला को पकड़कर दुष्कर्म किया तभी वह जोर-जोर से चीखने लगी चीख की आवाज सुनकर आस-पास मौजूद लोग आ गये और चीख मचा रही महिला के पास पहुंचे लोगों ने देखा कि इरसाद उर्फ मिच्चू महिला को बुरी तरह पकड़े हुए था जिससे लोगों ने इरसाद के चंगुल से महिला को मुक्त कराया और इरसाद की जमकर हजामत बनायी और ले जाकर जालौन कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने महिला का मेडिकल परीक्षण कराया और मामला पंजीकृत कर इरसाद को पुलिस अभिरक्षा में न्यायालय भेजा किन्तु शाम का समय अधिक हो जाने के कारण जेल प्रशासन ने इरसाद को अपनी अण्डर कस्टडी लेेने से मना कर दिया।

जिसपर अभिरक्षा में लगें एस0आई0 व पुलिस कर्मी रात व्यतीत करने के इरादे से उसे कोतवाली उरई ले गये। और उसे कोतवाली में छोड़कर वापस जालौन चले गये। हेड कांस्टेबिल व मुंशी ने अपनी देख-रेख में उसे रात भर रखा गया किन्तु भोर होते ही उसने शौच क्रिया का बहाना बनाकर अभिरक्षा में तैनात सिपाही को चकमा देकर चम्पत हो गया। जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी ने दुष्कर्म मामले में विवेचना कर रहे मनोज कुमार सैनी व उनके दो सहयोगी सिपाहियों रंजीत कुमार, विजय कुमार को इसलिए निलम्बित कर दिया क्योंकि ये लोग सुबह जेल में दाखिला कराकर जाने का फर्ज निभाने की वजाह रात में ही उसको कोतवाली छोड़कर वापस जालौन चले गये थे। इसके साथ ही उरई कोतवाली के हेड कास्टेबिल चन्द्रपाल सिंह व मुंशी आदेश कुमार को भी निलम्बित कर दिया। साथ ही इन पुलिस कर्मियों के खिलाफ आइ0पी0सी0 की धारा 223,224 के तहत मामला पंजीकृत करा दिया गया है।

जालौन से सौरभ पांडेय की रिपोर्ट