पंचायती राज घोटाला: 12 अफसरों पर गिरी गाज, CM योगी ने दिये विजिलेंस जांच के आदेश

लखनऊ। यूपी के पंचायती राज विभाग में बीते दिनों 107 करोड़ के घोटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। इस मामले में 12 अफसरों को संस्पेंड कर दिया गया है। पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्रवाई की जानकारी दी है। इस घोटाले में रिटायर पंचायती राज निदेशक अनिल कुमार दमेले भी जांच के घेरे में हैं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हुई है। सीएम योगी ने इस मामले की विस्तृत जांच विजिलेंस से भी कराने के आदेश दिये हैं।

पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया, 14वें वित्त आयोग के तहत केंद्र सरकार और राज्य वित्त आयोग की ओर से परफॉर्मेंस ग्रांट के तौर पर 2016-17 में ग्राम पंचायतों को 699.75 करोड़ रुपये दिए जाने थे। इसमें उन ग्राम पंचायतों का चयन होना था जिन्होंने अपनी आय में वृद्धि की हो और 2013-14 और 2014-15 का ऑडिट पूरा करवा लिया हो।

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मंत्री के मुताबिक, कमिटी में शामिल आरोपित अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर बिना ऑडिट के ही अयोग्य ग्राम पंचायतों को पैसा बांट दिया। जांच में ऐसी 1123 ग्राम पंचायतें सामने आई हैं।

पंचायती राज निदेशालय के निदेशक विजय किरन आनंद के मुताबिक, पैसों के बंदरबांट का खेल साल 2016, अगस्त में ही शुरू हो गया था। इस साल अप्रैल में जब उनकी निदेशक के पद पर तैनाती हुई तो उन्हें इस खेल की जानकारी मिली। इसके बाद मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा और जांच के आदेश दिए गए।

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