ट्विटर बढ़ा रहा यूपी पुलिस की साख

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस को अक्सर अपने मंद जवाबी कार्रवाई और मामलों के खराब निपटारे की स्थिति को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ता रहा है, लेकिन अब प्रदेश पुलिस के लिए माइक्रो ब्लागिंग साइट ट्विटर एक बड़े जनसंपर्क के माध्यम के तौर पर उभर रही है। ट्विटर पर प्रदेश पुलिस के 54,000 फालोवर हैं, और यह संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। ट्विटर के लिए धन्यवाद, दुनिया का सबसे बड़ा पुलिस बल जिसने कई अपराधों में सक्षमता से कार्य करने के साथ और कई घटनाओं को होने में रोका ने अपने हस्तक्षेप से ट्विटर पर अपना बुटीक बना लिया है।




ट्विटर सेवा शिकायत निवारण की शुरुआत के करीब तीन हफ्ते बाद थोक में भेजी गई समस्याओं का निपटारा किया गया और बाकी की शिकायतें प्रक्रिया में हैं। यह देश में किसी राज्य पुलिस बल द्वारा शुरू की गई पहली सेवा है। यूपी पुलिस के ट्विटर हैंडल- एट दि रेट यूपीपुलिस पर करीब 10,000 से ज्यादा ट्वीट प्राप्त किए गए। इसमें से करीब 70 प्रतिशत मामलों में कार्रवाई की गई। इन्हें कुछ घंटों में सुलझा लिया गया। एक पुलिस अधिकारी ने नाम ने छापने की शर्त पर यह जानकारी दी।

ट्विटर हैंडल की एक प्रशिक्षित दल डीजीपी मुख्यालय पर 24 घंटे सातों दिन नजर रखता है। जहां सभी ट्वीट संग्रहित होते हैं। लोगों की शिकायतों पर जल्दी कार्रवाई के अलावा, ट्विटर सेवा ने खाकी में पुरुष के मानवीय चेहरे को आगे लाने का काम किया है, जो अतीत में बहुत प्रयास के बावजूद भी पुलिस करने में नाकामयाब रही। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) राहुल श्रीवास्तव ने कहा इस सेवा ने बड़ा बदलाव किया है। श्रीवास्तव ट्विटर सेवा देख रही क्षेत्रीय दल के प्रमुख हैं।

श्रीवास्तन ने बताया कि ट्वीट के मुताबिक शीघ्र कार्रवाई से पुलिस की साख में कैसे सुधार हुआ है? उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा एफआईआर दर्ज नहीं करने, जांच की धीमी गति, इलाके में गश्त नहीं होना, पुलिस का दुर्व्यवहार और यातायात जाम संबंधी शिकायतें रहीं। एक अधिकारी ने बताया कि एक मामले में एक महिला ने एक पुलिस थाना प्रभारी के दुर्व्यवहार को अपने फोन में रिकॉर्ड कर लिया और माइक्रो ब्लागिंग साइट पर डाल दिया। गोरखपुर में थाना प्रभारी को चंद मिनटों में निलंबित कर दिया गया और इसी तरह की कार्रवाई एक शिकायतकर्ता के साथ दुर्व्यवहार पर फैजाबाद में की गई।




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