बेटों ने ठुकराया तो पुलिस बनी सहारा!

बांदा। अजब-गजब के कारनामें करने में माहिर उत्तर प्रदेश के बांदा की पुलिस रविवार को नेक काम कर दिखाया। बेटों द्वारा ठुकराई गई एक बुजुर्ग मां की मदद कर लोगों को इंसानियत का पाठ पढ़ाया।




हुआ यूं कि बांदा शहर मुख्यालय के इन्दिरा नगर में रहने वाली चार बेटों की 85 साल की बुजुर्ग मां कृष्णा देवी मुहल्ले में बासी-तेवासी रोटी के अलावा तन ढकने के लिए एक गज कपड़े के लिए मारी-मारी घूम रही थी। किसी ने यह सूचना नगर कोतवाली पुलिस को दे दी, बस कोतवाल ने सिपाही भेज कर बुजुर्ग महिला को अपने पास बुलाया। उसकी बीती सुन कर उसके तीन बेटों को तलब कर लिया, फिर सभी तीन बेटों के बीच तय कराया कि चार-चार माह तीनों बेटे मां को भोजन व कपड़ा देंगे और देख-रेख करेंगे।

शहर कोतवाल के.पी. सिंह ने सोमवार को बताया कि ‘उन्हें किसी ने फोन पर बताया था कि एक बुजुर्ग महिला ठंड़ से ठिठुर रही है और उसके बेटे भोजन तक नहीं देते हैं। इस पर सिपाही भेज कर कृष्णा देवी को कोतवाली लाया गया, इसके बाद उसके तीन बेटे भी तलब किए गये। उन्होंने बताया कि ‘महिला के चार बेटे हैं, उनमें एक सरकारी रिटायर्ड अधिकारी है, दो बेटे व्यवसाय करते हैं, चौथा बेटा बाहर रह कर मजदूरी करता है।’
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कोतवाल ने बताया कि ‘तय हुआ कि बुजुर्ग मां को तीनों बेटे बारी-बारी से अपने साथ रख कर चार-चार माह तक भोजन, कपड़ा देंगे और उसकी देख-रेख करेंगे।’ पुलिस की ओर से महिला को दो साड़ी, एक कंबल और एक शाॅल दिया गया है। पुलिस द्वारा की गई बुजुर्ग महिला की मदद की काफी लोगों ने सराहना की है।

बाँदा से आर जयन की रिपोर्ट

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