यूपी: PWD में करोड़ों का घोटाला, कागजों पर दोबारा बना डाली सड़कें

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग(पीडब्ल्यूडी) में करोड़ों का घोटाला सामने आया है। इस घोटाले का खुलासा राज्य सूचना आयोग में एक सुनवाई के दौरान हुआ है। आरोप है कि विभाग के इंजीनियरों ने ठेकेदारों से मिलीभगत कर बनी बनाई सड़कों को कागजों पर दोबारा बनवा डाला और इस खेल में करोड़ों की रकम का भी भुगतान करा लिया गया। यह घोटाला साल 2007 से 2011 के बीच उन्नाव सर्किल का है।

इस पूरे घोटाले को दबाने के लिए पीडबल्यूडी ने राज्य सूचना आयोग की नोटिस को भी नजरअंदाज कर दिया। सीएजी की रिपोर्ट में भी इन निर्माणों पर उंगली उठाई गई है। राज्य सूचना आयुक्त ने पीडब्ल्यूडी के जनसूचना अधिकारी को जुर्माने की चेतावनी देते हुए विभाग के प्रमुख सचिव को पूरे मामले की जांच करवाने का आदेश दिया है।

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शिकायत के बावजूद नहीं हुआ एक्शन

उन्नाव जिले के एबी नगर के रहने वाले हरिशचंद्र ने साल 2012 में इंजीनियरों और ठेकेदारों के बीच हुए करोड़ो के बंदरबांट की शिकायत लखनऊ के मंडलायुक्त से की थी। शिकायत पर कोई कार्रवाई ना होने पर उन्होंने अक्टूबर साल 2015 में तत्कालीन मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग से इसकी शिकायत की। जब इसके बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो हरिश्चंद्र ने आरटीआई का सहारा लिया।

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आरटीआई के तहत कमिश्नर कार्यालय के जनसूचना अधिकारी से अपनी शिकायतों पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी। इस पर कमिश्नर ने डीएम के जरिए ग्राम्य विकास विभाग की टीएसी से मामले की जांच करवाई, जिसमें इंजिनियरों को क्लीनचिट दे दी गई।

इसके बाद हरिश्चंद्र ने राज्य सूचना आयोग में अपील की। इस पर 25 नवंबर 2016 को पहली सुनवाई हुई। इसके बाद आयोग की ओर से कमिश्नर से लेकर विभागीय अधिकारियों तक कई नोटिस जारी किए, लेकिन हर कोई जिम्मेदारी दूसरे पर डालता रहा। इसके बाद आयोग ने बीते बुधवार को लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव को मामले की जांच आदेश दिया है।

हरिश्चंद्र का आरोप है, उन्नाव सर्किल के इंजिनियरों ने बिलग्राम-उन्नाव-इलाहाबाद रोड पर करीब 30 किमी सड़क का निर्माण 2007 में पूरा किया था। इस बनी हुई सड़क को कागजों पर दोबारा बनाकर 22 करोड़ रुपये का फिर भुगतान करवाया गया। इसी तरह, पटियारा संपर्क मार्ग, सफीपुर से मियागंज रोड, संडीला-रसूलाबाद-चकलवती रोड, अचलगंज- गंगाघाट रोड और उन्नाव-कानपुर (सिटी पोर्शन) सहित 15 सड़कों और संपर्क मार्गों के निर्माण में धांधली की शिकायत थी।

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