यूपी निकाय चुनाव में भाजपा ने जारी किया 28 वादों वाला ‘संकल्प पत्र’

Sankalp-Patra
यूपी निकाय चुनाव में भाजपा ने जारी किया 28 वादों वाला संकल्प पत्र

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तर प्रदेश (यूपी) में पहली बार पार्टी सिंबल पर लड़े जा रहे निकाय चुनावों के लिए रविवार को अपना 12 पृष्ठों वाला ‘संकल्प पत्र’ जारी कर दिया है। इस संकल्प पत्र में भाजपा ने 28 संकल्पों का जिक्र किया है। जिसमें सफाई, बेहतर पेयजल व्यवस्था, बेहतर सड़कें, महिलाओं के लिए अलग सार्वजनिक शौंचालय, नि:शुल्क सार्वजनिक शौचालय, व्यक्तिगत शौंचालय के लिए 20,000 रुपए का सरकारी अनुदान और बेहतर स्ट्रीट लाइट की सेवा प्रदान करने समेंत कई ऐसे सकल्पों का जिक्र किया गया है, जिनकी चर्चा हर निकाय चुनाव में होती है लेकिन जनता को इनमें से आधों का लाभ भी नहीं मिल पाता।

Uttar Pradesh Releases Sankalp Patra For State Local Body Election 2017 :

भाजपा के संकल्प

इस शपथ पत्र के पहले पृष्ठ के ऊपरी हिस्से में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का तस्वीर लगाई गई है। जबकि निचले हिस्से में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना की तस्वीरें क्रमश: लगाईं गईं हैं। जिनके साथ ‘सबका साथ, सबका विकास’ जोकि पार्टी का नारा है लिखा गया है।

 संकल्प पत्र
भाजपा के संकल्प पत्र का प्रथम पृष्ठ

अखिलेश ने भाजपा के संकल्प पत्र को बताया छल पत्र –

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर नगर निकाय चुनावों की निष्पक्षता भंग करने की साजिश के आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनावों के बाद एक बार फिर ‘छल पत्र‘ जारी किया है। उनके तथाकथित संकल्प पत्र की न कोई विश्वसनीयता है और न इनकी साख बची है। भाजपा नेता अपनी जेब में ओपियम की पुड़िया रखते हैं ताकि जनता को अपने झूठ से मदहोश कर सकें।

प्रदेश के मतदाता भूले नहीं है कि 8 महीने पहले विधानसभा चुनावों में भाजपा ने जो वादे किए थे उनमें से एक भी पूरा नहीं किया। भाजपा सरकार में हर तरफ अव्यवस्था और अराजकता फैली है। शहरों में गंदगी-कूड़े के ढ़ेर लगे हैं। बीमारियां फैल रही है। डेंगू से कितनी ही मौतें हो चुकी हैं गोरखपुर में सैकड़ो बच्चों की मौतें हो चुकी है। दवा और आक्सीजन के बगैर अस्पतालों में मौतें हो रही हैैं।

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तर प्रदेश (यूपी) में पहली बार पार्टी सिंबल पर लड़े जा रहे निकाय चुनावों के लिए रविवार को अपना 12 पृष्ठों वाला 'संकल्प पत्र' जारी कर दिया है। इस संकल्प पत्र में भाजपा ने 28 संकल्पों का जिक्र किया है। जिसमें सफाई, बेहतर पेयजल व्यवस्था, बेहतर सड़कें, महिलाओं के लिए अलग सार्वजनिक शौंचालय, नि:शुल्क सार्वजनिक शौचालय, व्यक्तिगत शौंचालय के लिए 20,000 रुपए का सरकारी अनुदान और बेहतर स्ट्रीट लाइट की सेवा प्रदान करने समेंत कई ऐसे सकल्पों का जिक्र किया गया है, जिनकी चर्चा हर निकाय चुनाव में होती है लेकिन जनता को इनमें से आधों का लाभ भी नहीं मिल पाता।[caption id="attachment_273137" align="aligncenter" width="755"] भाजपा के संकल्प[/caption]इस शपथ पत्र के पहले पृष्ठ के ऊपरी हिस्से में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का तस्वीर लगाई गई है। जबकि निचले हिस्से में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना की तस्वीरें क्रमश: लगाईं गईं हैं। जिनके साथ 'सबका साथ, सबका विकास' जोकि पार्टी का नारा है लिखा गया है।[caption id="attachment_273138" align="aligncenter" width="741"] संकल्प पत्र भाजपा के संकल्प पत्र का प्रथम पृष्ठ[/caption]अखिलेश ने भाजपा के संकल्प पत्र को बताया छल पत्र -समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर नगर निकाय चुनावों की निष्पक्षता भंग करने की साजिश के आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनावों के बाद एक बार फिर ‘छल पत्र‘ जारी किया है। उनके तथाकथित संकल्प पत्र की न कोई विश्वसनीयता है और न इनकी साख बची है। भाजपा नेता अपनी जेब में ओपियम की पुड़िया रखते हैं ताकि जनता को अपने झूठ से मदहोश कर सकें।प्रदेश के मतदाता भूले नहीं है कि 8 महीने पहले विधानसभा चुनावों में भाजपा ने जो वादे किए थे उनमें से एक भी पूरा नहीं किया। भाजपा सरकार में हर तरफ अव्यवस्था और अराजकता फैली है। शहरों में गंदगी-कूड़े के ढ़ेर लगे हैं। बीमारियां फैल रही है। डेंगू से कितनी ही मौतें हो चुकी हैं गोरखपुर में सैकड़ो बच्चों की मौतें हो चुकी है। दवा और आक्सीजन के बगैर अस्पतालों में मौतें हो रही हैैं।