उत्तर प्रदेश बनेगा स्वदेशी खिलौने के उत्पादन का हब, करीब तीन लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

yogi sir

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को स्वदेशी खिलौने के उत्पादन का हब बनाया जायेगा। इसको लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी गईं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार ‘मन की बात’ कार्यक्रम में स्वदेशी खिलौने बनाने की अपील की थी। इसके बाद से यूपी में इसकी तैयारी शुरू कर दी गयी थी। वहीं, इसके जरिए करीब 3 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है।

Uttar Pradesh Will Become The Hub Of Production Of Indigenous Toys About Three Lakh People Will Get Employment :

बताया जा रहा है कि यूपी की योगी सरकार जल्द ही नई खिलौना नीति लेकर आएगी और सीएम योगी इस योजना पर अपनी अंतिम मुहर लगायेंगे। इसके बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट में रखा जायेगा। बताया जा रहा है कि यूपी में निवेश करने देसी और विदेशी निवेशकों को पूंजी, ब्याज, ज़मीन की ख़रीद और स्टैम्प ड्यूटी, पेटेंट, बिजली परिवहन समेत अन्य सुविधाएं सब्सिडी के साथ दी जाएंगी।

अगर निवेशक महिला या अर्धसैनिक बलों से जुड़े हो तो अतिरिक्त रियायतें भी दी जाएंगी। वहीं, इस योजना से सबसे ज्यादा फायदा यूपी के पिछड़े जिलों को पहुंचेगा,​ जिसमें चित्रकूट, गोरखपुर, आज़मगढ़ जैसे जिले शामिल है।

बता दें कि, भारत में ज्यादातर खिलौने चीन और ताइवन से आते हैं। वैश्विक कारोबार में भी भारत की हिस्सेदारी सिर्फ़ 5 प्रतिशत है। पिछले कुछ महीनो में चीन से आयत होने वाले चीनी खिलौने की डिमांड में कमी आयी है। ऐसे में यूपी सरकार के पास ये बड़ा मौक़ा है। जिसका सीधा फ़ायदा प्रदेश के लोगों को मिलेगा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को स्वदेशी खिलौने के उत्पादन का हब बनाया जायेगा। इसको लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी गईं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार 'मन की बात' कार्यक्रम में स्वदेशी खिलौने बनाने की अपील की थी। इसके बाद से यूपी में इसकी तैयारी शुरू कर दी गयी थी। वहीं, इसके जरिए करीब 3 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है। बताया जा रहा है कि यूपी की योगी सरकार जल्द ही नई खिलौना नीति लेकर आएगी और सीएम योगी इस योजना पर अपनी अंतिम मुहर लगायेंगे। इसके बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट में रखा जायेगा। बताया जा रहा है कि यूपी में निवेश करने देसी और विदेशी निवेशकों को पूंजी, ब्याज, ज़मीन की ख़रीद और स्टैम्प ड्यूटी, पेटेंट, बिजली परिवहन समेत अन्य सुविधाएं सब्सिडी के साथ दी जाएंगी। अगर निवेशक महिला या अर्धसैनिक बलों से जुड़े हो तो अतिरिक्त रियायतें भी दी जाएंगी। वहीं, इस योजना से सबसे ज्यादा फायदा यूपी के पिछड़े जिलों को पहुंचेगा,​ जिसमें चित्रकूट, गोरखपुर, आज़मगढ़ जैसे जिले शामिल है। बता दें कि, भारत में ज्यादातर खिलौने चीन और ताइवन से आते हैं। वैश्विक कारोबार में भी भारत की हिस्सेदारी सिर्फ़ 5 प्रतिशत है। पिछले कुछ महीनो में चीन से आयत होने वाले चीनी खिलौने की डिमांड में कमी आयी है। ऐसे में यूपी सरकार के पास ये बड़ा मौक़ा है। जिसका सीधा फ़ायदा प्रदेश के लोगों को मिलेगा।