उत्तर प्रदेश: कोरोना वायरस से बचाव के लिए गोरखनाथ मंदिर में हुआ यज्ञ

Gorakhnath mandir
उत्तर प्रदेश: कोरोना वायरस से बचाव के लिए गोरखनाथ मंदिर में यज्ञ

गोरखपुर। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कहर बरपा रखा है। ऐसे में देश भर में इस खतरनाक वायरस से बचने के लिए उपाय किए जा रहे हैं। यूपी के गोरखपुर में गोरक्षपीठ मंदिर में भी कोरोना वायरस से बचाव के लिए यज्ञ का आयोजन किया गया। कोरोना वायरस से वातावरण को बचाने और शुद्ध रखने के लिए गोरखनाथ मंदिर में पुजारियों ने यज्ञ की आहुति दी।

Uttar Pradesh Yagya In Gorakhnath Temple To Protect Against Corona Virus :

गोरखनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी बाबा कमलनाथ के नेतृत्व में गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में यज्ञ का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वातावरण की शुद्धि के लिए मंदिर के मुख्य पुजारी बाबा कमलनाथ के नेतृत्व में यज्ञ की आहुति दी गई। इस अवसर पर पुजारी वेद आचार्य रामानंद त्रिपाठी ने कहा कि यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है। उन्होंने मंदिरों और घरों में भी उन्होंने यज्ञ करने का आह्वान किया।

आचार्य रामानंद त्रिपाठी ने बताया कि किस तरह से मंत्रों का उच्चारण कर यज्ञ के माध्यम से वातावरण को शुद्ध करने के साथ कोराना जैसे वायरस को भगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसके पहले भी ऐसी आपदाएं आईं हैं। तब गोरखनाथ मंदिर में यज्ञ की आहुति दी गई है।

गोरखनाथ मंदिर के कार्यालय सचिव द्वारिका तिवारी ने बताया कि हर आपदाओं और ऐसे लोगों पर जब देश को जरूरत होती है, तो गोरखनाथ मंदिर पेट प्रमुखता से आगे रहती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना भारत को लेकर बहुत ही गंभीर है। ऐसे में यज्ञ की आहुति देना काफी लाभदायक है।

गोरखपुर। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कहर बरपा रखा है। ऐसे में देश भर में इस खतरनाक वायरस से बचने के लिए उपाय किए जा रहे हैं। यूपी के गोरखपुर में गोरक्षपीठ मंदिर में भी कोरोना वायरस से बचाव के लिए यज्ञ का आयोजन किया गया। कोरोना वायरस से वातावरण को बचाने और शुद्ध रखने के लिए गोरखनाथ मंदिर में पुजारियों ने यज्ञ की आहुति दी। गोरखनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी बाबा कमलनाथ के नेतृत्व में गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में यज्ञ का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वातावरण की शुद्धि के लिए मंदिर के मुख्य पुजारी बाबा कमलनाथ के नेतृत्व में यज्ञ की आहुति दी गई। इस अवसर पर पुजारी वेद आचार्य रामानंद त्रिपाठी ने कहा कि यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है। उन्होंने मंदिरों और घरों में भी उन्होंने यज्ञ करने का आह्वान किया। आचार्य रामानंद त्रिपाठी ने बताया कि किस तरह से मंत्रों का उच्चारण कर यज्ञ के माध्यम से वातावरण को शुद्ध करने के साथ कोराना जैसे वायरस को भगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसके पहले भी ऐसी आपदाएं आईं हैं। तब गोरखनाथ मंदिर में यज्ञ की आहुति दी गई है। गोरखनाथ मंदिर के कार्यालय सचिव द्वारिका तिवारी ने बताया कि हर आपदाओं और ऐसे लोगों पर जब देश को जरूरत होती है, तो गोरखनाथ मंदिर पेट प्रमुखता से आगे रहती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना भारत को लेकर बहुत ही गंभीर है। ऐसे में यज्ञ की आहुति देना काफी लाभदायक है।