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उत्तराखंड: एनडी तिवारी को छोड़ कोई भी मुख्यमंत्री नहीं पूरा कर पाया अपना कार्यकाल, प्रचंड बहुमत के बाद छोड़नी पड़ी कुर्सी

उत्तराखंड गठन के 20 सालों के सफर में अब प्रदेश को 11 मुख्यमंत्री मिले हैं। उत्तराखंड को जहां भाजपा ने सबसे ज्यादा सात मुख्यमंत्री दिए हैं, तो वहीं कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश को तीन मुख्यमंत्री दिए हैं। हालांकि, भाजपा शासन के पांच साल के कार्यकाल में पहली बार उत्तराखंड में तीन-तीन मुख्यमंत्री मिले हैं।

By संतोष सिंह 
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देहरादून। उत्तराखंड गठन के 20 सालों के सफर में अब प्रदेश को 11 मुख्यमंत्री मिले हैं। उत्तराखंड को जहां भाजपा ने सबसे ज्यादा सात मुख्यमंत्री दिए हैं, तो वहीं कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश को तीन मुख्यमंत्री दिए हैं। हालांकि, भाजपा शासन के पांच साल के कार्यकाल में पहली बार उत्तराखंड में तीन-तीन मुख्यमंत्री मिले हैं। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि सभी मुख्यमंत्रियों में से सिर्फ कांग्रेस के पूर्व सीएम नारायण दत्त तिवारी ही हैं जिन्होंने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था। ऐसे में वोटरों के सामने भी दुविधा रहती है कि उनके द्वारा चुने गए नेता को सदन में भेजने का क्या फायदा? जब बार-बार प्रदेश का मुखिया बदला जा रहा है।

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि प्रदेश का मुखिया बदलने से कुछ फर्क नहीं पड़ेगा और भाजपा पुन: 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। बता दें कि बीजेपी ने 10 मार्च को जिस ‘सरप्राइज पैकेज’ के साथ तीरथ सिंह रावत ने उत्तराखंड सरकार की कमान सौंपी थी, वह जादू महज चार महीने में ही हवा हो गया। अब जब तीरथ सिंह रावत विदा हो रहे हैं तो उनके नाम उत्तराखंड में सबसे कम दिन सीएम रहने का रिकॉर्ड दर्ज हो चुका है। यही नहीं वह ऐसे मुख्यमंत्री के तौर पर भी याद किए जाएंगे, जो एक भी दिन सदन का सामना नहीं कर पाया। राष्ट्रीय स्तर पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह भी कुछ इसी तरह बिना संसद का सामना किए ही विदा हो गए थे। लेकिन, तीरथ सिंह का विकेट महज 114 दिनों में ही गिर गया।

तीरथ सिंह रावत ने भगत सिंह कोश्यारी का रिकॉर्ड तोड़ा

उत्तराखंड के बीस साल के सफर में वर्तमान सीएम तीरथ सिंह रावत सहित अब तक दस सरकारें बन चुकी हैं। इसमें अब तक सबसे कम 122 दिन सीएम रहने का रिकॉड वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के नाम दर्ज था। कोश्यारी 30 अक्तूबर 2001 से एक मार्च 2002 तक मुख्यमंत्री रहे। हालांकि उनके कार्यकाल के अंतिम दो महीनों के दौरान प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू रही। इस कारण व्याहारिक तौर पर उन्हे काम करने के लिए करीब सवा दो महीने का समय ही मिल पाया। लेकिन अब वर्तमान सीएम तीरथ सिंह रावत ने यह रिकॉर्ड तोड़ दिया है। तीरथ बीते दस मार्च को सीएम बने थे। अब दो जुलाई को उन्होंने इस्तीफा सौंप दिया है। इस कारण उनकी सत्ता महज 114 दिन ही टिक पाई। जो अब तक का सबसे कम कार्यकाल है।

 

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मुख्यमंत्री                             कार्यक्राल 
नित्यानंद स्वामी –                   09 नवंबर 2000 से 29 अक्तूबर 2001
भगत सिंह कोश्यारी –             30 अक्तूबर 2001 से 01 मार्च 2002
नारायण दत्त तिवारी –             02 मार्च 2002 से 07 मार्च 2007
भुवन चंद्र खूडूडी –                 07 मार्च 2007 से 26 जून 2009
डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक –  27 जून 2009 से 10 सितंबर 2011
भुवन चंद्र खंडूडी –                  11 सितंबर 2011 से 13 मार्च 2012
विजय बहुगुणा –                      13 मार्च 2012 से 31 जनवरी 2014
हरीश रावत –                         01 फरवरी 2014 से 27 मार्च 2016
हरीश रावत –                         21 अप्रैल 2016 से 22 अप्रैल 2016
हरीश रावत –                         11 मई 2016 से 18 मार्च 2017
त्रिवेंद्र सिंह रावत –                   18 मार्च 2017 से –09 मार्च 2021
तीरथ सिंह रावत-                    10 मार्च 2021 से 02 जुलाई 2021

पुष्कर सिंह धामी-                    02 जुलाई 2021 (रविवार चार जुलाई को लेंगे शपथ )

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