ये हाल बनारस का नहीं, प्रदेश के हर पोस्टमार्टम हाउस का है योगी जी…

banaras postmartam house
घूस लेता सफाईकर्मी

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में मंगलवार देर शाम निर्माणाधीन फ्लाईओवर के स्लेब के गिरने से हुए हादसे ने पूरे शहर में कोहराम मचा दिया है। उधर, जब राहत और बचाव दल ने शवो को निकालना शुरू किया तो मंजर देख मौके पर मौजूद लोगों का दिल दहल गया। बुधवार सुबह, इस हादसे में मृत लोगों के शवों के साथ सौदेबाजी शुरू हो गयी, पोस्टमार्टम हाउस में वहां के कर्मचारी मृतकों के परिजनो से पैसे लेने से बाज नहीं आए। इस घटना का वीडियो मीडिया में आने के बाद आला-अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू की और पुलिस ने एक कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया। आपको बता द्दें कि ये तस्वीर सिर्फ बनारस की नहीं है, ऐसे नजारे पूरे प्रदेश के पोस्टमार्टम हाउस में देखने को मिल जाते हैं, जहां बिना पैसों के शवों को परिजनों के सुपुर्द नहीं किया जाता है।

Varanasi Incident Sweeper Demands Rs 200 For Giving Dead Body :

दरअसल, फ्लाईओवर हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों का आरोप है कि बीएचयू के सर सुंदरलाल असपताल में शवगृह में तैनात सफाईकर्मी बनारसी ने शव देने के एवज में 200 रुपये की मांग की। घटना से दुखी परिजनों ने मोबाइल से इसका विडियो बना लिया और देखते ही देखते विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में सफाईकर्मी परिजनों से 200 रुपये मांगते दिख रहा है।

इस घटना का वीडियो मीडिया में आने के बाद डीएम योगेश्‍वर राम मिश्र ने आरोपी को तत्‍काल प्रभाव से निलंबित करने के साथ ही मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई का निर्देश दिया। लंका पुलिस ने आईपीसी की धारा 384 में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

यूपी की राजधानी समेत पूरे प्रदेश में होता है ये खेल-

ये हाल सिर्फ बनारस का ही नहीं है बल्कि सरकारी मशीनरी की खामियां हर जगह देखने को मिल सकती हैं। अगर बात करें राजधानी लखनऊ की तो यहां के पोस्टमार्टम हाउस की बदहाली जगजाहिर है। यहां के कर्मचारियों का हाल ये है कि वो बिना पैसों के शव को छूते तक नहीं। हर चीज़ के लिए पैसा फिक्स किया गया है, चाहे वो शवों के लिए कफन का इंतेजाम हो या शव को फ्रीजर में रखने की बात हो। हालांकि कई बार शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य महकमे ने कार्रवाई तो की लेकिन पोस्टमार्टम हाउस के कर्मचारी अपनी मनमानी से बाज नहीं आए।

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में मंगलवार देर शाम निर्माणाधीन फ्लाईओवर के स्लेब के गिरने से हुए हादसे ने पूरे शहर में कोहराम मचा दिया है। उधर, जब राहत और बचाव दल ने शवो को निकालना शुरू किया तो मंजर देख मौके पर मौजूद लोगों का दिल दहल गया। बुधवार सुबह, इस हादसे में मृत लोगों के शवों के साथ सौदेबाजी शुरू हो गयी, पोस्टमार्टम हाउस में वहां के कर्मचारी मृतकों के परिजनो से पैसे लेने से बाज नहीं आए। इस घटना का वीडियो मीडिया में आने के बाद आला-अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू की और पुलिस ने एक कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया। आपको बता द्दें कि ये तस्वीर सिर्फ बनारस की नहीं है, ऐसे नजारे पूरे प्रदेश के पोस्टमार्टम हाउस में देखने को मिल जाते हैं, जहां बिना पैसों के शवों को परिजनों के सुपुर्द नहीं किया जाता है।दरअसल, फ्लाईओवर हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों का आरोप है कि बीएचयू के सर सुंदरलाल असपताल में शवगृह में तैनात सफाईकर्मी बनारसी ने शव देने के एवज में 200 रुपये की मांग की। घटना से दुखी परिजनों ने मोबाइल से इसका विडियो बना लिया और देखते ही देखते विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में सफाईकर्मी परिजनों से 200 रुपये मांगते दिख रहा है।इस घटना का वीडियो मीडिया में आने के बाद डीएम योगेश्‍वर राम मिश्र ने आरोपी को तत्‍काल प्रभाव से निलंबित करने के साथ ही मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई का निर्देश दिया। लंका पुलिस ने आईपीसी की धारा 384 में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

यूपी की राजधानी समेत पूरे प्रदेश में होता है ये खेल-

ये हाल सिर्फ बनारस का ही नहीं है बल्कि सरकारी मशीनरी की खामियां हर जगह देखने को मिल सकती हैं। अगर बात करें राजधानी लखनऊ की तो यहां के पोस्टमार्टम हाउस की बदहाली जगजाहिर है। यहां के कर्मचारियों का हाल ये है कि वो बिना पैसों के शव को छूते तक नहीं। हर चीज़ के लिए पैसा फिक्स किया गया है, चाहे वो शवों के लिए कफन का इंतेजाम हो या शव को फ्रीजर में रखने की बात हो। हालांकि कई बार शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य महकमे ने कार्रवाई तो की लेकिन पोस्टमार्टम हाउस के कर्मचारी अपनी मनमानी से बाज नहीं आए।