ककरहिया गाँव को गोद लेंगे मोदी

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आदर्श ग्राम योजना के तहत जयापुर और नागेपुर के बाद अब रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के ककरहिया गाँव को गोद लेंगे प्रधानमंत्री अपने वाराणसी दौरा आगामी 24 अक्टूबर को इसकी घोषणा कर कर सकते है। बताते चले की प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत पहले गाँव को गोद लेते वक्त ककरहिया गाँव को गोद लेने की चर्चा जोरो पर थी लेकिन तमाम अटकलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयापुर गाँव को गोद लिया था जिसके बाद ककरहिया गाँव के लोग में खासा नाराजगी देखी गयी थी लेकिन पीएमओ की ओर से ककरहिया को हरी झंडी के बाद अब एक फिर ककरहिया के लोगो में ख़ुशी लहर दौड़ रही है।



ककरहिया गांव खेल के मामले में अनूठा है। यहां कुश्ती और जूडो के चार अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं जबकि राष्ट्रीय स्तर तक खेलने वालों की संख्या दर्जन भर से अधिक है। इस एक खासियत के अलावा इस गांव की दुश्वारियां भी दूसरे गांवों की तरह ही हैं। बात बिजली की उपलब्धता की करें तो इस गांव की करीब 30 फीसद आबादी लालटेन युग में जी रही है। अब ककरहिया के दिन बहुरने वाले हैं। इसको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीसरे सांसद आदर्श गांव के रूप में गोद लेने वाले हैं। इससे पूर्व जयापुर और नागेपुर को बतौर सांसद वे गोद ले चुके हैं। मोदी के सांसद आदर्श गांव के रूप में ककरहिया को चुने जाने की औपचारिक घोषणा अभी बाकी है लेकिन गाँव में विकास का कार्य चलने लगा है।

पीएम के करीबी और गुजरात के सांसद सीआर पाटिल, पीएम के पीए तन्मय काशी विद्यापीठ ब्लाक के ककरहिया का मुआयना भी कर लिया यही नहीं ग्रामीणों से उनकी समस्याओं के संबंध में बाते भी की है बस अब इन्तजार है प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के औपचारिक घोषणा की जिसपर शायद 24 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी मुहर भी लगा दे। 2236 जनसंख्या वाले गांव में पंचायत भवन तो है लेकिन साधन सहकारी समिति नहीं है। हालांकि इन सब दुश्वारियों के बीच एक विशेषता भी है कि ग्रामीणों को नशे ने चपेट में नहीं लिया है।

गांव की कुल आबादी में जातिगत आधार पर दलित की संख्या करीब 350 है। इसी क्रम में राजपूत 250, पटेल एक सौ, राजभर 150 आदि प्रमुख जातियों की आबादी है। इस गाँव में खेती के पर प्रमुख रूप गेंदा के फूल का है ,सड़क नहीं है , आधा गाव में बिजली है आधे में नहीं है . गाव की विशेषताओं में कारगिल युद्ध के सैनिक का घर है C R P F में भी है। अखाड़ा गाव की बडी पहचान है जहाँ के पहलवान राष्ट्रीय स्तर अपनी पहचान रखते है।

गाँव की मुख्य समस्या क्या है ……?

गाँव के लोग पेयजल की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को पेयजल के लिए नलकूप की आवश्यकता है।
गाँव में राज्य स्तरीय व्यायामशाला व जूडो के संसाधन उपलब्ध नहीं है , जबकि गाँव ने कुश्ती और जूडो के चार अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं राष्ट्रीय स्तर तक खेलने वालों की संख्या दर्जन भर से अधिक है।
गाँव में मूलभूत सुविधाओं का टोटा है बिजली, सड़क, पानी सबसे मुलभुत आवश्यकता है।
आर्थिक स्तर पर अधिकतर परिवारों की निर्भरता खेती पर है जानवरों के इलाज की कोई सुविधा नहीं है
गाँव के लोगो के लिए स्वास्थ्य केंद्र नहीं है , इलाज के लिए लोगो को शहर के अस्पताल का सहारा लेना पड़ता है।

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