वसंत पंचमी के दिन ऐसे करें विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त

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लखनऊ। हिन्दू पंचांग के अनुसार वसंत पंचमी हर वर्ष माघ महीने में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बड़ी श्रद्धा से मनाया जाता है। वसंत पंचमी को माघ पंचमी भी कहा जाता हैं। मान्यता है कि वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती पृथ्वी पर प्रगट हुई थीं। माता सरस्वती ने पृथ्वी पर उदासी को खत्म कर सभी जीव-जंतुओं को वाणी दी थी। इसलिए माता सरस्वती को ज्ञान-विज्ञान, संगीत, कला और बुद्धि की देवी भी माना जाता है।

वसंत पंचमी-2018 का शुभ मुहूर्त
इस त्योहार पर सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 07 बजकर 17 मिनट से करीब 5 घंटे और 15 मिनट तक यानी दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। कहा जाता है कि यह त्यौहार कठिन शीत ऋतु के जाने और खुशनुमा मौसम आने के रूप में भी मनाया जाता है। इस त्योहार से अलग-अलग रीति-रिवाज और धार्मिक मान्यताएं भी जुड़ी हुई हैं।

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वसंत पंचमी पर क्यों धारण करते हैं पीले कपड़े
वसंत पंचमी के दिन सभी स्त्रियां और युवतियाँ पीले रंग के कपड़े पहनती हैं। गांवों-कस्बों में पुरुष पीला पाग (पगड़ी) पहनते है। हिन्दू परंपरा में पीले रंग को बहुत शुभ माना जाता है। यह समृद्धि, ऊर्जा और सौम्य उष्मा का प्रतीक भी है। इस रंग को बसंती रंग भी कहा जाता है।, भारत में विवाह, मुंडन आदि के निमंत्रण पत्रों और पूजा के कपड़े को पीले रंग से ही रंगा जाता है।

ऐसे करें वसंत पंचमी की पूजा
प्रातः काल स्नानादि कर पीले वस्त्र धारण करें। मां सरस्वती की प्रतिमा को सामने रखें तत्पश्चात् कलश स्थापित कर गणेश जी और नवग्रहों की विधिवत् पूजा करें। फिर मां सरस्वती की पूजा वंदना करें। मां को श्वेत और पीले पुष्प अर्पण करें। मां को खीर में केसर डाल कर भोग लगाएं। विद्यार्थी मां सरस्वती की पूजा कर गरीब बच्चों को कलम व पुस्तक दान करें। संगीत से जुड़े छात्र और व्यक्ति अपने वादन यंत्रों पर तिलक लगा कर मां का पूजन करें।

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लखनऊ। हिन्दू पंचांग के अनुसार वसंत पंचमी हर वर्ष माघ महीने में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बड़ी श्रद्धा से मनाया जाता है। वसंत पंचमी को माघ पंचमी भी कहा जाता हैं। मान्यता है कि वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती पृथ्वी पर प्रगट हुई थीं। माता सरस्वती ने पृथ्वी पर उदासी को खत्म कर सभी जीव-जंतुओं को वाणी दी थी। इसलिए माता सरस्वती को ज्ञान-विज्ञान, संगीत, कला और बुद्धि की देवी भी माना जाता है। वसंत पंचमी-2018 का…
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