मंत्री ओमप्रकाश राजभर के काफिले की चपेट में आने से बच्चे की मौत, सीएम योगी ने दिया मुआवजा

ओमप्रकाश राजभर
मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर भारी पड़े अंसारी बंधु, कासिमाबाद ब्लॉक पर जमाया कब्जा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के काफिले के साथ गोंडा जिले में करनैलगंज से परसपुर जा रहे एक वाहन की चपेट में आने से एक बच्चे की मौत हो गई। यह घटना गोसाई पुरवा में उस समय घटी जब मंत्री जी का ​काफिले की गाड़ियां हूटर बजाती हुईं गुजरी। हूटर की आवाज सुनते ही गांव में खेल रहे बच्चे सड़क की ओर भाग खड़े हुए। जिनमें से बदनसीब रहा 8 वर्षीय शिव सड़क तक पहुंचा ही था कि काफिले की एक गाड़ी से उसकी टक्कर हो गई। शिव ने हादसे के तुरंत बाद दम तोड़ दिया और मंत्री जी का काफिला आगे बढ़ता चला गया।

Vehicle Following Minister Omprakash Rajbhar Hits 8 Years Old Child Dead :

इस घटना से नाराज लोगों ने मौके पर प्रदर्शन करते हुए मंत्री के रवैये के खिलाफ नारेबाजी की। जिसके तुरंत बाद हरकत में आई पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर करनैलगंज थाने पहुंचा दिया। जहां पीड़ित परिवार को समझा बुझा कर मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई।

वहीं इस घटना पर दुख जताते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा कर दी। जबकि डीजीपी कार्यालय से इस घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मंत्री के साथ गड़ियों का एक लंबा काफिला था, जिसमें से किसी एक गाड़ी से बच्चे की टक्कर हुई थी। मंत्री जी के साथ चल रहे लोगों को हादसे की जानकारी होते हुए भी किसी ने रुक कर बच्चे का हाल जानने की कोशिश नहीं की। इस तरह की संवेदनहीनता बेहद पीड़ादायी है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के काफिले के साथ गोंडा जिले में करनैलगंज से परसपुर जा रहे एक वाहन की चपेट में आने से एक बच्चे की मौत हो गई। यह घटना गोसाई पुरवा में उस समय घटी जब मंत्री जी का ​काफिले की गाड़ियां हूटर बजाती हुईं गुजरी। हूटर की आवाज सुनते ही गांव में खेल रहे बच्चे सड़क की ओर भाग खड़े हुए। जिनमें से बदनसीब रहा 8 वर्षीय शिव सड़क तक पहुंचा ही था कि काफिले की एक गाड़ी से उसकी टक्कर हो गई। शिव ने हादसे के तुरंत बाद दम तोड़ दिया और मंत्री जी का काफिला आगे बढ़ता चला गया।इस घटना से नाराज लोगों ने मौके पर प्रदर्शन करते हुए मंत्री के रवैये के खिलाफ नारेबाजी की। जिसके तुरंत बाद हरकत में आई पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर करनैलगंज थाने पहुंचा दिया। जहां पीड़ित परिवार को समझा बुझा कर मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई।वहीं इस घटना पर दुख जताते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा कर दी। जबकि डीजीपी कार्यालय से इस घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि मंत्री के साथ गड़ियों का एक लंबा काफिला था, जिसमें से किसी एक गाड़ी से बच्चे की टक्कर हुई थी। मंत्री जी के साथ चल रहे लोगों को हादसे की जानकारी होते हुए भी किसी ने रुक कर बच्चे का हाल जानने की कोशिश नहीं की। इस तरह की संवेदनहीनता बेहद पीड़ादायी है।