जलमग्न हुआ दुनिया के सबसे खूबसूरत शहरों में सुमार वेनिस

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जलमग्न हुआ दुनिया के सबसे खूबसूरत शहरों में सुमार वेनिस

नई दिल्ली। दुनिया में जलवायु परिवर्तन का बहुत अधिक असर कहीं देखने को मिला हो या नहीं मगर दुनिया के सबसे खूबसूरत शहरों में शुमार इटली के वेनिस में इसकी भयावहता दिखाई दे रही है। इटली का वेनिस 53 सालों में सबसे बड़ी बाढ़ से जूझ रहा है। सप्ताहभर से बारिश और मंगलवार-बुधवार के बीच आए हाईटाइड के कारण पूरे शहर में पानी भर गया। पूरा शहर बाढ़ से प्रभावित है। बिजली आपूर्ति बंद है। बाढ़ जनित आपदाओं में दो लोगों की मौत हो चुकी है। ‘

Venice Submerged Among The Most Beautiful Cities In The World :

वेनिस के मेयर लुइजी ब्रुगनारो इसके लिए सीधे तौर पर जलवायु परिवर्तन को दोषी ठहरा रहे हैं, इसके अलावा एक और बड़े कारण की चर्चा की जा रही है। यहां बाढ़ का पानी रोकने के लिए बांध बनाए जाना था जो अब तक नहीं बन पाया है, इस वजह से थोड़ी से अधिक बरसात ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया। सभी प्रमुख इमारतें और ऐतिहासिक स्थान पानी में डूबे हुए हैं, इनसे लगातार नुकसान हो रहा है।  

118 द्वीपों से बना है वेनिस:  

इटली का शहर वेनिस 118 द्वीपों से बना है। यह एड्रिआटिक सागर के उत्तर-पश्चिम की ओर लगून (एक छिछली झील) के बीच बसा है। लगून करीब 51 किलोमीटर लंबी और 14 किलोमीटर चौड़ी है। इसके सागर से मिलने के सिर्फ तीन तंग रास्ते हैं, जिनसे न सिर्फ तीन फीट यानी एक मीटर ऊंचे ज्वार-भाटा अक्सर आते हैं।

ब्रिटिश कवि सैमयल रॉजर्स ने 1822 में लिखा था, समंदर पर खड़ी एक शानदार नगरी जिसकी बहती और बलखाती लहरें, उसकी सड़कें और तंग गलियां हैं; और जिसके खारे जल की जड़ी उसके महलों के संगमरमर से जा लिपटती हैं। यही वेनिस की पहचान है। किसी जमाने में लगून एक समृद्ध व्यापारिक केंद्र था।

यूनेस्को धरोहर है शहर :

करीब 415 वर्ग किलोमीटर में फैले इस शहर का 80 फीसदी हिस्सा यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और लाखों सैलानी यहां घूमने आते हैं। बाढ़ के कारण कई संग्रहालय बंद कर दिए गए हैं।  

सालाना दो करोड़ से ज्यादा पर्यटक :

वेनिस की कुल आबादी करीब 2.70 लाख है। यहां सालाना दो करोड़ से ज्यादा पर्यटक आते हैं। यहां के निवासियों की मुख्य आजीविका पर्यटन पर ही आधारित है। यह शहर दिन की अपेक्षा रात में और अधिक खूबसूरत दिखता है।

हर मौसम में बारिश :

यहां का गर्मियों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से. और सर्दियों में तापमान 1 डिग्री से. रहता है। यहां सभी महीनों में बारिश होती रहती है। शहर का समुद्री जलस्तर करीब एक मीटर ऊपर है। इसके कारण यहां बाढ़ और ज्वारभाटे की आशंका बनी रहता है।  

नई दिल्ली। दुनिया में जलवायु परिवर्तन का बहुत अधिक असर कहीं देखने को मिला हो या नहीं मगर दुनिया के सबसे खूबसूरत शहरों में शुमार इटली के वेनिस में इसकी भयावहता दिखाई दे रही है। इटली का वेनिस 53 सालों में सबसे बड़ी बाढ़ से जूझ रहा है। सप्ताहभर से बारिश और मंगलवार-बुधवार के बीच आए हाईटाइड के कारण पूरे शहर में पानी भर गया। पूरा शहर बाढ़ से प्रभावित है। बिजली आपूर्ति बंद है। बाढ़ जनित आपदाओं में दो लोगों की मौत हो चुकी है। ' वेनिस के मेयर लुइजी ब्रुगनारो इसके लिए सीधे तौर पर जलवायु परिवर्तन को दोषी ठहरा रहे हैं, इसके अलावा एक और बड़े कारण की चर्चा की जा रही है। यहां बाढ़ का पानी रोकने के लिए बांध बनाए जाना था जो अब तक नहीं बन पाया है, इस वजह से थोड़ी से अधिक बरसात ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया। सभी प्रमुख इमारतें और ऐतिहासिक स्थान पानी में डूबे हुए हैं, इनसे लगातार नुकसान हो रहा है।   118 द्वीपों से बना है वेनिस:   इटली का शहर वेनिस 118 द्वीपों से बना है। यह एड्रिआटिक सागर के उत्तर-पश्चिम की ओर लगून (एक छिछली झील) के बीच बसा है। लगून करीब 51 किलोमीटर लंबी और 14 किलोमीटर चौड़ी है। इसके सागर से मिलने के सिर्फ तीन तंग रास्ते हैं, जिनसे न सिर्फ तीन फीट यानी एक मीटर ऊंचे ज्वार-भाटा अक्सर आते हैं। ब्रिटिश कवि सैमयल रॉजर्स ने 1822 में लिखा था, समंदर पर खड़ी एक शानदार नगरी जिसकी बहती और बलखाती लहरें, उसकी सड़कें और तंग गलियां हैं; और जिसके खारे जल की जड़ी उसके महलों के संगमरमर से जा लिपटती हैं। यही वेनिस की पहचान है। किसी जमाने में लगून एक समृद्ध व्यापारिक केंद्र था। यूनेस्को धरोहर है शहर : करीब 415 वर्ग किलोमीटर में फैले इस शहर का 80 फीसदी हिस्सा यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और लाखों सैलानी यहां घूमने आते हैं। बाढ़ के कारण कई संग्रहालय बंद कर दिए गए हैं।   सालाना दो करोड़ से ज्यादा पर्यटक : वेनिस की कुल आबादी करीब 2.70 लाख है। यहां सालाना दो करोड़ से ज्यादा पर्यटक आते हैं। यहां के निवासियों की मुख्य आजीविका पर्यटन पर ही आधारित है। यह शहर दिन की अपेक्षा रात में और अधिक खूबसूरत दिखता है। हर मौसम में बारिश : यहां का गर्मियों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से. और सर्दियों में तापमान 1 डिग्री से. रहता है। यहां सभी महीनों में बारिश होती रहती है। शहर का समुद्री जलस्तर करीब एक मीटर ऊपर है। इसके कारण यहां बाढ़ और ज्वारभाटे की आशंका बनी रहता है।