राम मंदिर पर VHP की दो टूक, तुरंत अध्यादेश लाए सरकार

alok kumar
राम मंदिर पर VHP की दो टूक, तुरंत अध्यादेश लाए सरकार

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की आवाज भी तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष अलोक कुमार ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रुख से असहमती जताते हुए कहा कि प्रयागराज में होने वाली धर्मसंसद में यह तय होगा कि राम मंदिर निर्माण के लिए अगला रास्ता क्या होगा गौरतलब है कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के मुद्दे पर कहा था कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रही है, उसके बाद ही अध्यादेश लाने के बारे में विचार किया जाएगा।

Vhp Alok Kumar Speaks On Pm Narendra Modi Ram Mandir :

आलोक कुमार ने कहा- कोर्ट में सुनवाई अभी कोसों दूर है। कोर्ट के फैसले का इंतजार नही किया जा सकता। उचित मार्ग ये होगा कि संसद से कानून बनाकर मंदिर निर्माण किया जाए। वीएचपी ने पीएम मोदी से मिलने का समय भी मांगा है। साथ ही कहा है कि राम मंदिर पर 31 जनवरी और 1 फरवरी को प्रयागराज में कुंभ के मौके पर धर्मसंसद होगी। संत निर्णय करेंगे कि आगे क्या करना है। हिंदू और इंतजार नहीं कर सकता। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को साफ कर दिया कि राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने पर कोई भी फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।

इससे पहले एएनआई को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि 70 साल शासन करने वालों ने ही राम मंदिर के मुद्दे को लटकाया है। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के वकील सुप्रीम कोर्ट में बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं। इसके चलते ही राम मंदिर की सुनवाई धीमी गति से चल रही है। भाजपा के लिए भावात्मक मुद्दा होने के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि हमने अपने मेनिफेस्टो में कहा था कि इस मसले का समाधान संवैधानिक तरीके से किया जाएगा। अभी इस पर कानूनी प्रक्रिया चल रही है। उसके बाद सरकार की जो भी जिम्मेदारी बनेगी, पूरी करेंगे।

बता दें कि महाराष्ट्र और केंद्र में भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने भी राम मंदिर के लिए अध्यादेश लाने की मांग की है।

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की आवाज भी तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष अलोक कुमार ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रुख से असहमती जताते हुए कहा कि प्रयागराज में होने वाली धर्मसंसद में यह तय होगा कि राम मंदिर निर्माण के लिए अगला रास्ता क्या होगा गौरतलब है कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के मुद्दे पर कहा था कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रही है, उसके बाद ही अध्यादेश लाने के बारे में विचार किया जाएगा। आलोक कुमार ने कहा- कोर्ट में सुनवाई अभी कोसों दूर है। कोर्ट के फैसले का इंतजार नही किया जा सकता। उचित मार्ग ये होगा कि संसद से कानून बनाकर मंदिर निर्माण किया जाए। वीएचपी ने पीएम मोदी से मिलने का समय भी मांगा है। साथ ही कहा है कि राम मंदिर पर 31 जनवरी और 1 फरवरी को प्रयागराज में कुंभ के मौके पर धर्मसंसद होगी। संत निर्णय करेंगे कि आगे क्या करना है। हिंदू और इंतजार नहीं कर सकता। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को साफ कर दिया कि राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने पर कोई भी फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा। इससे पहले एएनआई को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि 70 साल शासन करने वालों ने ही राम मंदिर के मुद्दे को लटकाया है। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के वकील सुप्रीम कोर्ट में बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं। इसके चलते ही राम मंदिर की सुनवाई धीमी गति से चल रही है। भाजपा के लिए भावात्मक मुद्दा होने के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि हमने अपने मेनिफेस्टो में कहा था कि इस मसले का समाधान संवैधानिक तरीके से किया जाएगा। अभी इस पर कानूनी प्रक्रिया चल रही है। उसके बाद सरकार की जो भी जिम्मेदारी बनेगी, पूरी करेंगे। बता दें कि महाराष्ट्र और केंद्र में भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने भी राम मंदिर के लिए अध्यादेश लाने की मांग की है।