उप राष्ट्रपति उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी को भांजे की खरी—खरी

नई दिल्ली। कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष के 18 राजनीतिक दलों की ओर से उप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनाए गए गोपाल कृष्ण गांधी को उनके ही भांजे श्रीकृष्ण कुलकर्णी ने खरी—खरी सुनाई है। बेंग्लुरू में रहने वाले कुलकर्णी ने सोशल मीडिया के माध्यम से गांधी को लिखे पत्र में कहा है कि उन्हें उप राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने दादा मोहनदास करम चंद गांधी के नाम का प्रयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि उनका और उन्हें प्रत्याशी बनाने वाली पार्टी का गांधी के सिद्धांतों से दूर दूर तक कोई रिश्ता नहीं है।

उन्होंने गोपाल कृष्ण गांधी की ईमानदारी पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि गत् वर्षों में कांग्रेस की सरकार रहते कई घोटाले हुए लेकिन उनके मुंह से एक भी बार उन घोटालों को लेकर बयान नहीं आया। इसलिए उन्हें चाहिए कि वह चुनाव में महात्मा गांधी के नाम का प्रयोग न करें।

कुलकर्णी ने अपने पत्र की शुरूआत में गोपाल कृष्ण गांधी को गोपू मामा कहकर संबोधित करते हुए कहा, वह अपने पूर्वज मोहनदास करमचंद गांधी का संकोच करते हुए एक सप्ताह तक उन्हे खुला पत्र लिखने का संकोच करते रहे। लेकिन अंत में उन्होंने अपने विचार को सावर्जनिक तौर पर जाहिर करने के लिए खुला पत्र लिखा।

अपने लंबे चौड़े पत्र में श्रीकृष्ण कुलकर्णी ने उन तामाम पहलुओं को उठाया है जिन्हें पढ़ने पर कहा जा सकता है कि वे एक अलग सोच रखते हैं। जिसे गांधीवादी सोच का भगवा रूप कहा सकता है।

उन्होंने गोपाल कृष्ण गांधी के पिछले कुछ बयानों पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए लिखा है कि जनवरी 2015 से लेकर मार्च 2016 के बीच कन्याकुमारी से श्रीनगर तक पदयात्रा करने के दौरान उन्होने जो अनुभव जुटाए उसके आधार पर कहा जा सकता है कि देश की वर्तमान सरकार को बड़ा जन समर्थन मिल रहा है। इसे भौगोलिक, आर्थिक, सांप्रदायिक और जातिवाद से परे कहा जा सकता है। ऐसा पहली बार है कि देश एक हो रहा है।

उन्होने लिखा है कि गोपाल कृष्ण गांधी जिस कांग्रेस के एजेंडे को आगे बढ़ाते नजर आ रहे हैं। वह कांग्रेस माहत्मा गांधी और उनके विचारों से कोई सरोकार नहीं रखती। वर्तमान सरकार पर देश को बांटने का आरोप लगाने वालों को देखना चाहिए कि अब तक की सरकारें केवल देश को वोटबैंकों में बांटकर अपना हित साधतीं रहीं हैं। लेकिन अब स्थिति बदलती नजर आ रही है। देश के आम नागरिक में देश के प्रति गर्व है का भाव है। जिसे उन्होंने पहली बार अनुभव किया है।

कुलकर्णी ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि गोपाल कृष्ण गांधी का नाम आगे करने वाली पार्टी कांग्रेस पर 18 सालों से सोनिया गांधी राज कर रहीं हैं। उनके बाद उनका पुत्र राहुल गांधी तैयार है। जिन्हें आने वाले समय में पार्टी के ही नेता कोसते नजर आएंगे। कांग्रेस की तरह ही देश की ज्यादातर राजनीतिक पार्टियां पारिवारिक मूल्यों पर चल रहीं हैं। जिनमें विचारधारा और समाजसेवा के मूल्य खत्म हो चुके हैं।

राहुल गांधी के बोफोर्स घोटाले पर दिए बयान ​पर प्रक्रिया ​जाहिर करते हुए कुलकर्णी ने लिखा कि अगर वर्तमान समय में महात्मा गांधी होते तो इस मामले की जांच करवाते और जब तक जांच चलती तब तक राहुल गांधी और इस मामले की जांच को प्रभावित करने की क्षमता रखने वालों की ताकतवर पदों से छुट्टी कर देते। लेकिन वर्तमान में जो लोग गांधी के नाम को भुना रहे है वे न तो गांधी से सरोकार रखते हैं और न ही उनके विचारों से।