उन्नाव दरिंदगी : पीड़ित परिजन सीएम योगी को बुलाने की मांग पर अड़े, अंतिम संस्कार रोका

cm yogi
लॉकडाउन के दौरान योगी सरकार ने 24 लाख श्रमिकों को दिए 237 करोड़ रुपए

उन्नाव। उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद योगी सरकार ने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान कर दिया है लेकिन वह मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। परिवार का कहना है कि वो सीएम योगी के आने के बाद ही शव का अंतिम संस्कार करेंगे। वहीं, जिला प्रशासन ने अंतिम संस्कार की तैयारी पूरी कर ली थी। इस बीच मृता की बहन ने कहा कि जब तक सीएम नहीं आयेंगे वह शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

Victim Family Adamant On Calling Cm Yogi Funeral Stopped :

पीड़िता की बहन ने कहा कि उन्हें सीएम से खुद बात करनी है। उसने यह भी कहा कि उसकी बहन की सरकारी नौकरी लगने वाली थी। इसके साथ ही पीड़िता की बहन ने कहा कि परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए और घटना के जिम्मेदार आरोपियों को फांसी दी जाये। पीड़िता के पिता ने कहा है कि जब तक मुख्यमंत्री खुद नहीं आते, वह अपनी लड़की का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

वहीं, डीजीपी ओपी सिंह ने दुष्कर्म पीड़िता का अंतिम संस्कार होने तक लखनऊ के आईजी एसके भगत को उन्नाव में ही कैंप करने को कहा है। इसके बाद स्थिति को देखते हुए आगे का निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि, कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य शनिवार देर शाम दोबारा गांव पहुंचे।

उन्होंने पीड़िता के पिता को 25 लाख रुपये का चेक दिया। डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि दुष्कर्म पीड़िता के पिता को जल्द प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत पक्का आवास दिलाया जाएगा। उन्होंने आवेदन भी किया था। अभी घर के नाम पर सिर्फ कच्ची दीवारों पर छप्पर रखे हैं।

उन्नाव। उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद योगी सरकार ने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान कर दिया है लेकिन वह मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। परिवार का कहना है कि वो सीएम योगी के आने के बाद ही शव का अंतिम संस्कार करेंगे। वहीं, जिला प्रशासन ने अंतिम संस्कार की तैयारी पूरी कर ली थी। इस बीच मृता की बहन ने कहा कि जब तक सीएम नहीं आयेंगे वह शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पीड़िता की बहन ने कहा कि उन्हें सीएम से खुद बात करनी है। उसने यह भी कहा कि उसकी बहन की सरकारी नौकरी लगने वाली थी। इसके साथ ही पीड़िता की बहन ने कहा कि परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए और घटना के जिम्मेदार आरोपियों को फांसी दी जाये। पीड़िता के पिता ने कहा है कि जब तक मुख्यमंत्री खुद नहीं आते, वह अपनी लड़की का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। वहीं, डीजीपी ओपी सिंह ने दुष्कर्म पीड़िता का अंतिम संस्कार होने तक लखनऊ के आईजी एसके भगत को उन्नाव में ही कैंप करने को कहा है। इसके बाद स्थिति को देखते हुए आगे का निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि, कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य शनिवार देर शाम दोबारा गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़िता के पिता को 25 लाख रुपये का चेक दिया। डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि दुष्कर्म पीड़िता के पिता को जल्द प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत पक्का आवास दिलाया जाएगा। उन्होंने आवेदन भी किया था। अभी घर के नाम पर सिर्फ कच्ची दीवारों पर छप्पर रखे हैं।