VIDEO: मिड-डे मील में परोसा गया रोटी और नमक, टीचर सस्पेंड

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VIDEO: सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिड-डे मील में परोसा गया रोटी और नमक, टीचर सस्पेंड

लखनऊ। यूपी के मिर्जापुर जिले से एक शर्मनाक घटना सामने आई है। जिले के एक प्राथमिक स्‍कूल के अंदर कम से कम 100 बच्‍चों को मिड-डे मील के नाम पर नमक और रोटी खिलाई जा रही है। बच्‍चों को नमक और रोटी खाते हुए वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। उधर, विडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच के बाद दो शिक्षकों को सस्‍पेंड कर दिया गया है।

Video Bread And Salt Served At Mid Day Meal Teacher Suspended :

बच्‍चों को नमक बांटने की घटना मिर्जापुर जिले के जमालपुर ब्‍लॉक के सियूर प्राथमिक विद्यालय में हुई। विडियो में नजर आ रहा है कि बच्‍चे जमीन पर बैठे हैं और थाली में उन्‍हें मिड-डे मील के रूप में नमक और रोटी दिया जा रहा है। मासूम बच्‍चे इच्‍छा नहीं होने के बावजूद नमक और रोटी खाने के लिए मजबूर दिखाई दे रहे हैं। स्‍थानीय लोगों ने बताया कि इस स्‍कूल में अक्‍सर बच्‍चों को खाने के नाम पर नमक रोटी या नमक और भात दिया जाता है।

मिर्जापुर में शीर्ष सरकारी अधिकारी ने बताया, ‘मैंने जांच करवाई और यह घटना सही पाई गई। शुरुआती तौर पर यह स्कूल के शिक्षक प्रभारी और ग्राम पंचायत के सुपरवाइजर की गलती लग रही है। दोनों को निलंबित कर दिया गया है।’

उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि वह दिसंबर 2018 के आंकड़ों के मुताबिक राज्य भर में 1.5 लाख से अधिक प्राइमेरी और मिडल स्कूल में मिड-डे मील मुहैया करवा रही है। इस स्कीम के तहत 1 करोड़ से अधिक बच्चों को योजना का लाभ दिया जाना है।

केंद्र सरकार के अनुसार, मिड-डे मील योजना को प्रति बच्चे को प्रति दिन न्यूनतम 450 कैलोरी प्रदान करने के हिसाब से डिजाइन किया गया था, इसमें प्रति दिन कम से कम 12 ग्राम प्रोटीन भी शामिल होना चाहिए. यह भोजन प्रत्येक बच्चे को वर्ष में कम से कम 200 दिन परोसा जाना चाहिए।

लखनऊ। यूपी के मिर्जापुर जिले से एक शर्मनाक घटना सामने आई है। जिले के एक प्राथमिक स्‍कूल के अंदर कम से कम 100 बच्‍चों को मिड-डे मील के नाम पर नमक और रोटी खिलाई जा रही है। बच्‍चों को नमक और रोटी खाते हुए वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। उधर, विडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच के बाद दो शिक्षकों को सस्‍पेंड कर दिया गया है। बच्‍चों को नमक बांटने की घटना मिर्जापुर जिले के जमालपुर ब्‍लॉक के सियूर प्राथमिक विद्यालय में हुई। विडियो में नजर आ रहा है कि बच्‍चे जमीन पर बैठे हैं और थाली में उन्‍हें मिड-डे मील के रूप में नमक और रोटी दिया जा रहा है। मासूम बच्‍चे इच्‍छा नहीं होने के बावजूद नमक और रोटी खाने के लिए मजबूर दिखाई दे रहे हैं। स्‍थानीय लोगों ने बताया कि इस स्‍कूल में अक्‍सर बच्‍चों को खाने के नाम पर नमक रोटी या नमक और भात दिया जाता है। मिर्जापुर में शीर्ष सरकारी अधिकारी ने बताया, 'मैंने जांच करवाई और यह घटना सही पाई गई। शुरुआती तौर पर यह स्कूल के शिक्षक प्रभारी और ग्राम पंचायत के सुपरवाइजर की गलती लग रही है। दोनों को निलंबित कर दिया गया है।' उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि वह दिसंबर 2018 के आंकड़ों के मुताबिक राज्य भर में 1.5 लाख से अधिक प्राइमेरी और मिडल स्कूल में मिड-डे मील मुहैया करवा रही है। इस स्कीम के तहत 1 करोड़ से अधिक बच्चों को योजना का लाभ दिया जाना है। केंद्र सरकार के अनुसार, मिड-डे मील योजना को प्रति बच्चे को प्रति दिन न्यूनतम 450 कैलोरी प्रदान करने के हिसाब से डिजाइन किया गया था, इसमें प्रति दिन कम से कम 12 ग्राम प्रोटीन भी शामिल होना चाहिए. यह भोजन प्रत्येक बच्चे को वर्ष में कम से कम 200 दिन परोसा जाना चाहिए।