विजय दिवस पर आर्मी चीफ ने पाक को दी चेतावनी, अगली बार हिमाकत की तो खून से लथपथ मिलेगी नाक

army vipin rawat
विजय दिवस ने आर्मी चीफ ने पाक को दी चेतावनी, अगली बार हिमाकत की तो खून से लथपथ मिलेगी नाक

नई दिल्ली। विजय दिवस के मौके पर आर्मी चीफ विपिन रावत ने पाकिस्तान को फिर एक बार चेतावनी दी है। उन्होने कहा कि इस्लामाबाद से अब अगर दोबारा ऐसी गलती होती है तो उनकी नाक खून से लथपथ मिलेगी। रावत की ये सलाह पाकिस्तान को इससे और ज्यादा सीधा नहीं हो सकती थी, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर करगिल युद्ध जैसी स्थिति दोबारा बनती है तो तुम्हारे ‘नाक से खून बहा दिया जाएगा’।

Vijay Divas Ne Aarmee Cheeph Ne Paak Ko Dee Chetaavanee Agalee Baar Himaakat Kee To Khoon Se Lathapath Milegee Naak :

बता दें कि करगिल में भारत की विजय के 20 साल पूरे हो चुके हैं। इस दौरान आयोजित की गई एक प्रेस कांफ्रेंस में सवालों का जवाब देते हुए उन्होने कहा कि “ऐसा मत करना। दुर्घटना की प्राय: पुनरावृत्ति नहीं होती है। अगली बार तुम्हारे नाक से खून बहा दिया जाएगा।”

गौरतलब हो कि साल 1999 में भारत की पाकिस्तान पर जीत के उपलक्ष्य में हर वर्ष 26 जुलाई को करगिल विजय दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस दौरान आर्मी चीफ ने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवादियों और उसके नेटवर्क्स के खिलाफ कार्रवाई को लेकर जिस तरह का वादा किया था, उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है, क्योंकि उसका मकसद सिर्फ अंतरराष्ट्रीय फंडिंग पाना था।

नई दिल्ली। विजय दिवस के मौके पर आर्मी चीफ विपिन रावत ने पाकिस्तान को फिर एक बार चेतावनी दी है। उन्होने कहा कि इस्लामाबाद से अब अगर दोबारा ऐसी गलती होती है तो उनकी नाक खून से लथपथ मिलेगी। रावत की ये सलाह पाकिस्तान को इससे और ज्यादा सीधा नहीं हो सकती थी, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर करगिल युद्ध जैसी स्थिति दोबारा बनती है तो तुम्हारे ‘नाक से खून बहा दिया जाएगा’। बता दें कि करगिल में भारत की विजय के 20 साल पूरे हो चुके हैं। इस दौरान आयोजित की गई एक प्रेस कांफ्रेंस में सवालों का जवाब देते हुए उन्होने कहा कि “ऐसा मत करना। दुर्घटना की प्राय: पुनरावृत्ति नहीं होती है। अगली बार तुम्हारे नाक से खून बहा दिया जाएगा।” गौरतलब हो कि साल 1999 में भारत की पाकिस्तान पर जीत के उपलक्ष्य में हर वर्ष 26 जुलाई को करगिल विजय दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस दौरान आर्मी चीफ ने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवादियों और उसके नेटवर्क्स के खिलाफ कार्रवाई को लेकर जिस तरह का वादा किया था, उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है, क्योंकि उसका मकसद सिर्फ अंतरराष्ट्रीय फंडिंग पाना था।