किंगफिशर एयरलाइंस की हालत पर माल्या ने उठाया सवाल, कहा आखिर भारत में क्यों बंद हो रही कंपनियां

vijay malya
कंपनियां क्यों बंद हो रही हैं। बता दें कि किंगफिशर एयरलाइंस 2012 में बंद हो गई।

नई दिल्ली। भारत प्रत्यर्पित होने के करीब पहुंच चुके विजय माल्या ने बुधवार को कई ट्वीट किए और जेट एयरवेज एवं इसके संस्थापक दंपती नरेश गोयल एवं अनिता गोयल के प्रति सहानुभूति प्रकट की। माल्या ने कहा, ‘भले ही हम कड़े प्रतिद्वंद्वी रहे हों, लेकिन मेरे मन में नरेश और नीता गोयल के प्रति सहानुभूति है जिन्होंने जेट एयरवेज बनाया जिस पर भारत को अत्यंत गौरवान्वित महसूस करना चाहिए। इतनी अच्छी एयरलाइन महत्वपूर्ण रूटों पर उड़ानें मुहैया करा रही है और अच्छी सेवा दे रही है। भारत में इतनी ज्यादा एयरलाइंस कंपनियों को धूल फांकनी पड़ी जो दुखदायी है, लेकिन ऐसा क्यों हुआ?’

Vijay Mallya Asks Why Many Airlines Have Failed In India :

इस दौरान उन्होने सरकारी की नीति पर भी सवाल उठाया। उसने लिखा, ‘भले ही जेट, किंगफिशर की बड़ी प्रतिस्पर्धी रही हो, लेकिन मुझे इतनी बड़ी प्राइवेट एयरलाइन को असफलता के मुहाने पर खड़ा देख बुरा लग रहा है क्योंकि सरकार एयर इंडिया को बेल आउट करने के लिए सरकारी खजाने से 35 हजार करोड़ रुपये दे चुकी है।

उन्होने एक के बाद गए कई ट्वीट्स करके फिर से बैंकों के कर्ज चुकाने की बात कही। उसने एक ट्वीट में लिखा, ‘मैंने किंगफिशर में बड़ी रकम निवेश की थी जिससे वह जल्द ही भारत की सबसे बड़ी और सबसे अच्छी एयरलाइन बन गई थी। हां, यह सही है कि किंगफिशर ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से कर्ज लिए थे। मैंने 100 प्रतिशत चुकाने का ऑफर भी दिया, लेकिन जवाब में मुझ पर अपराधी होने का ठप्पा लगा दिया गया। क्या एयरलाइन कंपनी बनाने के कारण ऐसा हुआ?’

नई दिल्ली। भारत प्रत्यर्पित होने के करीब पहुंच चुके विजय माल्या ने बुधवार को कई ट्वीट किए और जेट एयरवेज एवं इसके संस्थापक दंपती नरेश गोयल एवं अनिता गोयल के प्रति सहानुभूति प्रकट की। माल्या ने कहा, 'भले ही हम कड़े प्रतिद्वंद्वी रहे हों, लेकिन मेरे मन में नरेश और नीता गोयल के प्रति सहानुभूति है जिन्होंने जेट एयरवेज बनाया जिस पर भारत को अत्यंत गौरवान्वित महसूस करना चाहिए। इतनी अच्छी एयरलाइन महत्वपूर्ण रूटों पर उड़ानें मुहैया करा रही है और अच्छी सेवा दे रही है। भारत में इतनी ज्यादा एयरलाइंस कंपनियों को धूल फांकनी पड़ी जो दुखदायी है, लेकिन ऐसा क्यों हुआ?' इस दौरान उन्होने सरकारी की नीति पर भी सवाल उठाया। उसने लिखा, 'भले ही जेट, किंगफिशर की बड़ी प्रतिस्पर्धी रही हो, लेकिन मुझे इतनी बड़ी प्राइवेट एयरलाइन को असफलता के मुहाने पर खड़ा देख बुरा लग रहा है क्योंकि सरकार एयर इंडिया को बेल आउट करने के लिए सरकारी खजाने से 35 हजार करोड़ रुपये दे चुकी है। उन्होने एक के बाद गए कई ट्वीट्स करके फिर से बैंकों के कर्ज चुकाने की बात कही। उसने एक ट्वीट में लिखा, 'मैंने किंगफिशर में बड़ी रकम निवेश की थी जिससे वह जल्द ही भारत की सबसे बड़ी और सबसे अच्छी एयरलाइन बन गई थी। हां, यह सही है कि किंगफिशर ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से कर्ज लिए थे। मैंने 100 प्रतिशत चुकाने का ऑफर भी दिया, लेकिन जवाब में मुझ पर अपराधी होने का ठप्पा लगा दिया गया। क्या एयरलाइन कंपनी बनाने के कारण ऐसा हुआ?'