माल्या को सभी विदेशी संपत्ति का खुलासा करने का आदेश

नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को देश छोड़कर भाग चुके शराब कारोबारी विजय माल्या पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा उन्हें फरवरी में ब्रिटिश शराब कंपनी डियाजिओ से मिले चार करोड़ डॉलर का हिसाब सहित विदेशों में जमा अपनी सभी संपत्तियों का खुलासा करने का आदेश दिया। डियाजियो ने माल्या की कंपनी युनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड में हिस्सेदारी खरीदने के एवज में यह भुगतान किया था।



न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने कहा, “अब तक जिस तरह संपत्तियों का खुलासा किया गया है, उससे हम खुश नहीं हैं।” न्यायमूर्ति कुरियन और न्यायमूर्ति रोहिंटन नरीमन की पीठ ने माल्या को भारत की संपत्तियों के दिए गए ब्योरे की तरह ही विदेशी संपत्तियों की जानकारी पेश करने को कहा। अदालत ने कहा, “हम स्पष्ट तौर पर देख सकते हैं कि विजय माल्या ने सात अप्रैल, 2016 को दिए गए आदेशानुसार अपनी संपत्तियों का उपयुक्त तरीके से खुलासा नहीं किया है। उन्हें अपनी सभी संपत्तियों का पूरा खुलासा करने के लिए कहा गया था..खासकर फरवरी में डियाजियो से मिले चार करोड़ रुपयों के संदर्भ में।”



महान्यायवादी मुकुल रोहतगी ने शीर्ष अदालत को बताया कि माल्या ने अपने बैंक खातों, खातों की प्रकृति या अपनी अचल संपत्तियों का पूरा ब्योरा नहीं दिया है। शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 24 नवंबर को रखी है। न्यायालय ने माल्या के वकील सी. एस. वैद्यनाथन से कहा, “हम उम्मीद कर रहे थे कि आप हमें विस्तार से बताएंगे कि उन चार करोड़ डॉलर का क्या हुआ। अगर आप चाहते हैं कि आपको साफ-सुथरी छवि का माना जाए तो आपको बताना होगा कि उन चार करोड़ डॉलर का आपने क्या किया। आखिर आप बताते क्यों नहीं, वे चार करोड़ डॉलर कहां गए।”