विजय माल्‍या ने कोर्ट में हाथ जोड़कर बैंकों से कहा- तुरंत अपने पूरे पैसे वापस ले लें

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विजय माल्‍या ने कोर्ट में हाथ जोड़कर बैंकों से कहा- तुरंत अपने पूरे पैसे वापस ले लें

नई दिल्ली। भगोड़े शाराब कारोबारी विजय माल्या (Vijay Malya) ने गुरुवार को अपने प्रत्यर्पण पर ब्रिटिश हाईकोर्ट के फैसला सुरक्षित करते ही माल्या ने गिड़गिड़ाते हुए भारतीय बैंकों से एक बार फिर पैसा वापस लेने की अपील की।  हाई कोर्ट की जस्टिस स्टीफन इरविन और जस्टिस एलिजाबेथ लेइंग की पीठ अब किसी भी दिन फैसला सुना सकती है।  

Vijay Mallya Told Banks With Folded Hands In Court Immediately Withdraw All Your Money :

9 हजार करोड़ की धोखाधड़ी का है आरोप

विजय माल्या भारत में 9000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में वांछित है। माल्या ने अपनी कंपनी के लिए लोन लेने के बाद उसे नहीं चुकाया। कर्ज बढ़ने के बाद माल्या भारत छोड़ गुपचुप तरीके से लंदन के लिए फरार हो गया।

माल्या के वकील मार्क समर्स ने गुरुवार को बहस शुरू करते हुए कहा, “उन्होंने (किंगफिशर एयरलाइन ने बैंकों को) लाभ की जानबूझकर गलत जानकारी दी थी।” सुनवाई के दौरान लार्ड जस्टिस स्टेफन ईरविन और जस्टिस इलिसाबेथ लाइंग ने कहा, “बहुत जटिल मामले पर विचार करने के बाद किसी ओर तारीख को फैसला देंगे।”

जमानत पर है माल्या

माल्या को भारत प्रत्यर्पण करने के मामले पर दो जजों की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। माल्या फिलहाल प्रत्यर्पण वॉरंट को लेकर जमानत पर है। माल्या के लिए यह जरूरी नहीं कि सुनवाई में हिस्सा ले, लेकिन वह अदालत पहुंचा था।

माल्या के पक्ष की ओर से इस बात को खारिज किया जा रहा है कि उसके खिलाफ धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बनता है। बचाव पक्ष का जोर इस बात पर रहा कि किंगरफिशर एयरलाइन आर्थिक दुर्भाग्य का शिकार हुई है, जैसे अन्य भारतीय एयरलाइनें हुई हैं।

भारत ओर से दलील दी गई है कि 32000 पन्नों में प्रत्यर्पण के दायित्वों को पूरा करने के लिए सबूत हैं। वकील ने कहा कि न केवल प्रथम दृष्टया मामला बनता है, बल्कि बेईमानी के अत्यधिक सबूत हैं। अपील पर सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई और लंदन में भारतीय उच्चायोग के अधिकारी भी कोर्ट में मौजूद थे।

नई दिल्ली। भगोड़े शाराब कारोबारी विजय माल्या (Vijay Malya) ने गुरुवार को अपने प्रत्यर्पण पर ब्रिटिश हाईकोर्ट के फैसला सुरक्षित करते ही माल्या ने गिड़गिड़ाते हुए भारतीय बैंकों से एक बार फिर पैसा वापस लेने की अपील की।  हाई कोर्ट की जस्टिस स्टीफन इरविन और जस्टिस एलिजाबेथ लेइंग की पीठ अब किसी भी दिन फैसला सुना सकती है।   9 हजार करोड़ की धोखाधड़ी का है आरोप विजय माल्या भारत में 9000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में वांछित है। माल्या ने अपनी कंपनी के लिए लोन लेने के बाद उसे नहीं चुकाया। कर्ज बढ़ने के बाद माल्या भारत छोड़ गुपचुप तरीके से लंदन के लिए फरार हो गया। माल्या के वकील मार्क समर्स ने गुरुवार को बहस शुरू करते हुए कहा, "उन्होंने (किंगफिशर एयरलाइन ने बैंकों को) लाभ की जानबूझकर गलत जानकारी दी थी।" सुनवाई के दौरान लार्ड जस्टिस स्टेफन ईरविन और जस्टिस इलिसाबेथ लाइंग ने कहा, "बहुत जटिल मामले पर विचार करने के बाद किसी ओर तारीख को फैसला देंगे।" जमानत पर है माल्या माल्या को भारत प्रत्यर्पण करने के मामले पर दो जजों की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। माल्या फिलहाल प्रत्यर्पण वॉरंट को लेकर जमानत पर है। माल्या के लिए यह जरूरी नहीं कि सुनवाई में हिस्सा ले, लेकिन वह अदालत पहुंचा था। माल्या के पक्ष की ओर से इस बात को खारिज किया जा रहा है कि उसके खिलाफ धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बनता है। बचाव पक्ष का जोर इस बात पर रहा कि किंगरफिशर एयरलाइन आर्थिक दुर्भाग्य का शिकार हुई है, जैसे अन्य भारतीय एयरलाइनें हुई हैं। भारत ओर से दलील दी गई है कि 32000 पन्नों में प्रत्यर्पण के दायित्वों को पूरा करने के लिए सबूत हैं। वकील ने कहा कि न केवल प्रथम दृष्टया मामला बनता है, बल्कि बेईमानी के अत्यधिक सबूत हैं। अपील पर सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई और लंदन में भारतीय उच्चायोग के अधिकारी भी कोर्ट में मौजूद थे।