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विजया राजे सिंधिया जयंती: PM मोदी बोले-उन्होंने साबित किया की जनप्रतिनिधि के लिए जनसेवा ही सब कुछ है

Vijaya Raje Scindia Jayanti Pm Modi Said He Proved That Public Service Is Everything For Public Representative

By शिव मौर्या 
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए राजमाता विजया राजे सिंधिया 100वीं जयंती के अवसर पर 100 रुपये का सिक्का जारी किया। कोरोना के कारण वर्चुअल समारोह के जरिए पीएम मोदी ने इस सिक्के को देश को समर्पित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि एकता यात्रा के समय राजमाता ने मेरा परिचय गुजरात के युवा नेता नरेंद्र मोदी के तौर पर कराया था, इतने सालों बाद आज उनका वही नरेंद्र देश का प्रधानसेवक बनकर उनकी अनेक स्मृतियों के साथ आपके सामने है।

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पीएम मोदी ने कहा कि ये भी कितना अद्भुत संयोग है कि रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए उन्होंने जो संघर्ष किया था, उनकी जन्मशताब्दी के साल में ही उनका ये सपना भी पूरा हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछली शताब्दी में भारत को दिशा देने वाले कुछ एक व्यक्तित्वों में राजमाता विजयाराजे सिंधिया भी शामिल थीं।

राजमाताजी केवल वात्सल्यमूर्ति ही नहीं थीं। वो एक निर्णायक नेता थीं और कुशल प्रशासक भी थीं। अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आजादी के इतने दशकों तक वह भारतीय राजनीति के हर अहम पड़ाव की साक्षी रहीं। आजादी से पहले विदेशी वस्त्रों की होली जलाने से लेकर, आपातकाल और राम मंदिर आंदोलन तक, राजमाता के अनुभवों का व्यापक विस्तार रहा है। ये आवश्यक है कि राजमाताजी की जीवन यात्रा को, उनके जीवन संदेश को आज की पीढ़ी भी जाने, उनसे प्रेरणा लें, इसलिए उनके बारे में बार-बार बात करना आवश्यक है।

पीएम ने आगे कहा कि राजमाता ने साबित किया कि जनप्रतिनिधि के लिए जनसेवा ही सब कुछ है। राजमाता एक राजपरिवार की महारानी थीं, लेकिन उन्होंने संघर्ष लोकतंत्र की रक्षा के लिए किया, जीवन का महत्वपूर्ण कालखंड जेल में बिताया। आपातकाल के दौरान उन्होंने जो कुछ भी सहा, उसके साक्षी हम लोग हैं। राष्ट्र के भविष्य के लिए राजमाता ने अपना वर्तमान समर्पित कर दिया था। देश की भावी पीढ़ी के लिए उन्होंने अपना हर सुख त्याग दिया था। राजमाता ने पद और प्रतिष्ठा के लिए न जीवन जीया, न राजनीति की।

 

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