अलर्ट के बाद विकास दुबे का उज्जैन पहुंचना मिलीभगत की ओर इशारा करता है : प्रियंका गांधी

priyanka gandhi
जनता द्वारा चुनी गई सरकारों को गिराने की कोशिश कर रही है भाजपा : प्रियंका गांधी

लखनऊ। कानपुर एनकाउंटर के मास्टरमाइंड विकास दुबे की उज्जैन से गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सवाल खड़े किए हैं। इसके साथ ही मध्य प्रदेश कांग्रेस भी इसको लेकर वहां के सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े कर रही है। इस बीच प्रियंका गांधी ने एक ट्वीट कर विकास दुबे के उज्जैन पहुंचने के पीछे मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।

Vikas Dubeys Arrival In Ujjain After Alert Indicates Connivance Priyanka Gandhi :

​प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि, ‘कानपुर के जघन्य हत्याकांड में यूपी सरकार को जिस मुस्तैदी से काम करना चाहिए था, वह पूरी तरह फेल साबित हुई। अलर्ट के बावजूद आरोपी का उज्जैन तक पहुंचना, न सिर्फ सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है बल्कि मिलीभगत की ओर इशारा करता है। तीन महीने पुराने पत्र पर ‘नो एक्शन’ और कुख्यात अपराधियों की सूची में ‘विकास’ का नाम न होना बताता है कि इस मामले के तार दूर तक जुड़े हैं। यूपी सरकार को मामले की CBI जांच करा सभी तथ्यों और प्रोटेक्शन के ताल्लुकातों को जगज़ाहिर करना चाहिए।’

अखिलेश यादव ने भी उठाये सवाल
विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि विकास दुबे ने आत्मसमर्पण किया या उसकी गिरफ्तारी हुई? अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, “ख़बर आ रही है कि ‘कानपुर-काण्ड’ का मुख्य अपराधी पुलिस की हिरासत में है। अगर ये सच है तो सरकार साफ़ करे कि ये आत्मसमर्पण है या गिरफ़्तारी। साथ ही उसके मोबाइल की CDR सार्वजनिक करे जिससे सच्ची मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सके।

लखनऊ। कानपुर एनकाउंटर के मास्टरमाइंड विकास दुबे की उज्जैन से गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सवाल खड़े किए हैं। इसके साथ ही मध्य प्रदेश कांग्रेस भी इसको लेकर वहां के सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े कर रही है। इस बीच प्रियंका गांधी ने एक ट्वीट कर विकास दुबे के उज्जैन पहुंचने के पीछे मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। ​प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि, 'कानपुर के जघन्य हत्याकांड में यूपी सरकार को जिस मुस्तैदी से काम करना चाहिए था, वह पूरी तरह फेल साबित हुई। अलर्ट के बावजूद आरोपी का उज्जैन तक पहुंचना, न सिर्फ सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है बल्कि मिलीभगत की ओर इशारा करता है। तीन महीने पुराने पत्र पर ‘नो एक्शन’ और कुख्यात अपराधियों की सूची में ‘विकास’ का नाम न होना बताता है कि इस मामले के तार दूर तक जुड़े हैं। यूपी सरकार को मामले की CBI जांच करा सभी तथ्यों और प्रोटेक्शन के ताल्लुकातों को जगज़ाहिर करना चाहिए।' अखिलेश यादव ने भी उठाये सवाल विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि विकास दुबे ने आत्मसमर्पण किया या उसकी गिरफ्तारी हुई? अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, “ख़बर आ रही है कि ‘कानपुर-काण्ड’ का मुख्य अपराधी पुलिस की हिरासत में है। अगर ये सच है तो सरकार साफ़ करे कि ये आत्मसमर्पण है या गिरफ़्तारी। साथ ही उसके मोबाइल की CDR सार्वजनिक करे जिससे सच्ची मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सके।