किसानों को गिरफ्तारी करने पहुंची पुलिस को गांववालों ने पीटा, दो की हालत गंभीर

हमीरपुर। 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हमीरपुर दौरे के दौरान किसानों के हंगामे के मामले में रविवार को नया मोड़ आया है। हंगामा करने वाले किसानों गिरफ्तार करने लाहुरीमऊ गांव पहुंची ​हमीरपुर पुलिस को गांववालों ने ही मार—मार कर लहूलुहान कर दिया। हालात बेकाबू होता देख पुलिसकर्मियों ने घटना की सूचना कानपुर मुख्यालय और हमीरपुर एसपी कार्यालय को दी। जिसके बाद कानपुर पुलिस से बैकअप मिलने के बाद घायल पुलिसवालों को हमीरपुर जिला अस्पताल में भर्ती करवाया जा सका।




मिली जानकारी के मुताबिक लाहुरीमऊ गांव में हमीरपुर पुलिस के 40 जवानों की टीम ने दबिश दी थी। जैसे ही गांववालों को खबर मिली कि पुलिस गांव के लोगों को गिरफ्तार करने आई है। गांव के लोगों ने पुलिस की टीम पर पथराव कर दिया। जब तक पुलिस हालात समझ पाती पुलिस के कई जवान ​बुरी तरह से घायल हो चुके थे। जो पुलिसकर्मी बचे भी उन्हें आस पास के मकानों में दुबकना पड़ा। ऐसी खबरें भी मिल रहीं हैं कि कई घायल पुलिसकर्मी अभी भी गांव में फंसे हुए हैं।




बताया जा रहा है कि गांववालों से संघर्ष में दर्जन भर पुलिस वालों को चोटें आईं हैं। जिनमें से दो की गंभीर हालत को देखते हुए कानपुर मेडिकल कालेज रिफर कर दिया गया है। जबकि बाकी का इलाज हमीरपुर जिला अस्पताल में चल रहा है। घायलों का हालचाल लेने के लिए हमीरपुर डीएम व एसपी ने जिला अस्पताल का दौरा किया है।

क्या है पूरा मामला —

हमीरपुर जिले के लाहुरीमऊ गांव में पॉवर प्लांट के लिए जमीन अधिग्रहित की गई थी। जिसके उचित मुआवजे के लिए किसान लगातार मांग कर रहे थे। अपनी मांग को लेकर आक्रोशित किसानों ने 15 दिसंबर को हमीरपुर रखे गए सीएम अखिलेश यादव के कार्यक्रम के दौरान हंगामा कर दिया था। जिस पर कार्रवाई करते हुए हमीरपुर पुलिस ने अपने 6 अधिकारियों को निलंबित करते हुए करीब 200 किसानों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।




स्थानीय किसान नेताओं का कहना है कि आक्रोशित किसानों ने मुख्यमंत्री के आने की खबर मिलने के बाद ही कार्यक्रम स्थल को जाने वाले रास्ते को जाम कर दिया था। पुलिस प्रशासन ने जैसे तैसे रास्ता तो खुलवा दिया, लेकिन इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच मारपीट भी हो गई थी। पुलिस की कार्रवाई से आक्रोशित किसान मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल में जबर्दस्ती घुस गए। लाठी डंडों से लैस किसानों ने पांडाल के अंदर जमकर तोड़ फोड़ की। मुख्यमंत्री के मंच पर आते ही किसानों ने मुख्यमंत्री विरोधी नारे लगाने शुरू कर दिए और पांडाल में लगी बैरिकेटिंग तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश भी की। जिसके बाद सुरक्षा बंदोबस्त में तैनात पुलिस प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। जिसमें एकबार फिर किसानों और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी।