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कोरोना वायरस को लेकर ग्रामीणों की पहल,चंदा इकट्ठा कर लाये थर्मल स्कैनर

Villagers Take Initiative On Corona Virus Collect Thermal Fund

By a tyagi 
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मुरादाबाद: कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए देश की जनता लॉक डाउन का पालन कर रही है. डॉक्टर और प्रशासनिक अधिकारी भी कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे है. ऐसे ही कुछ युवा है जो अपने गांव में कोरोना वायरस के सामने दीवार बनकर खड़े है. अपनी टोली बनाकर चंदा इकट्ठा करके गांव के लिए थर्मल स्क्रीनिंग मशीन खरीद कर गांव वालों की स्क्रीनिंग कर रहे है. किसी की तबियत खराब होने पर तुरंत जिला अस्पताल भेज देते है.

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गांव में अभी तक किसी भी तरह की फॉगिंग या सेनेटाइजर का छिड़काव भी नही हुआ है. इसके लिए भी यह युवा आपस में चंदा इकट्ठा कर रहे है.मुरादाबाद के थाना छजलैट के गांव मोड़ा के युवा और लोगो के लिए मिसाल बन गए है. अपने गांव के लोगो को कोरोनो वायरस से बचाने के लिए गांव के 10 से 12 लोगों ने अपनी एक टीम बनाई. टीम बनाने के बाद सब ने 200 रुपये चंदा दिया और इस चंदे से गांव के लिए 4 हज़ार रुपये की एक थर्मल स्क्रीनिंग मशीन ले आये. गांव में प्रत्येक घर पर जाकर सभी लोगों की स्क्रीनिंग की. इन युवाओं ने गांव में दूसरे राज्य से आये लोगो की स्क्रीनिंग कर उनको 14 दिन घर मे रहने की किसी से नही मिलने की भी सलाह दी.

जिस व्यक्ति की स्क्रीनिंग कर ली जाती है फिर दो या तीन दिन बाद फिर से उनकी स्क्रीनिंग की जाती है. अगर किसी को बुखार की शिकायत होती है तो पुलिस या एम्बुलेंस को फोन करके उसको जिला अस्पताल चेकअप के लिए भेज दिया जाता है. यह लोग गांव वालों को अपने आसपास साफ सफाई रखने बार बार हाथ धोने और मास्क लागकर रहने के लिए जागरूक कर रहे है. इन लोगो का कहना है कि पूरे गांव को अपने ही रुपये से सेन्टाइज करने मास्क और ग्लव्स बाटने के लिए चंदा इकट्ठा किया जा रहा है,गांव के रहने वाले सूरजपाल ने बताया कि यह लोग बहुत बढ़िया काम कर रहे हैं. जब से प्रधानमंत्री ने लॉक डाउन किया है तभी से हमारे गांव में लोग बाहर से आने लगे थे. उनकी भी स्क्रीनिंग की गई है अभी तक कोई भी पॉजिटिव केस हमारे गांव में नहीं मिला है.

यह काम बहुत अच्छा हो रहा है इन सब लोगों ने मिलकर यह मशीन खरीदी है. सबके घर घर जाकर स्क्रीनिंग कर रहे हैं एक बार नहीं दो दो चार चार बार लगातार यह काम कर रहे हैं. ऐसा नहीं कि कुछ ही घर चिन्हित कर रखे है जो बाहर से आए आ रहे हैं उनको भी और गांव के बाकी लोगों को का चेकअप किया जा रहा है, गांव की रहने वाली सुषमा ने बताया की सारे युवा स्क्रीनिंग कर रहे हैं किसी को बुखार तो नहीं कोरोना वायरस की वजह से है उनकी चार-पांच लड़कों की टीम अच्छा काम कर रही है. गांव वालों को चेकअप कराने के लिए कहीं जाना नहीं पड़ रहा है घर बैठे ही गांव वालों की स्क्रीनिंग हो रही है,गांव की इस युवा टोली के मुखिया प्रेम सिंह सैनी का कहना है यह हमारा गांव मोड़ा है हम लोगों ने जब से प्रधानमंत्री ने 22 तारीख से लॉक डाउन किया है.

उसके अगले दिन से ही कुछ लोग जो हमारे गांव में बाहर से आए. हमने 12 13 लोगों ने अपनी टीम बनाई और आपस मे चंदा इकट्ठा करके यह मशीन लेकर आए. जैसे हमें पता चल रहा है कि कुछ लोग बाहर से आ रहे हैं. तो हम उनके घर जाकर उनकी स्क्रीनिंग कर रहे हैं. कुछ लोग हमारे पास खुद आकर अपनी स्क्रीनिंग करवा रहे हैं. एक बार नहीं एक बार चेकअप के बाद फिर से दो-तीन दिन बाद फिर उनका चेकप किया जाता है. हमारे गांव में अभी तक कोई कोरना संक्रमित नहीं पाया गया है. सब नॉर्मल है जैसे कुछ लोग बाहर से आ रहे हैं उनको बुखार की शिकायत होती है तो हम पुलिस की या फिर एम्बुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल उपचार के लिए भेज देते है.

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हमारे गांव में अभी तक डॉक्टर की ऐसी कोई टीम नहीं आई है. हम लोगों ने ही संकल्प किया है कि हम अपने गांव को स्वयं सुरक्षित रखने के लिए घर घर जाकर के यह काम करेंगे. हम लोगों ने 200 रुपये चंदा इकट्ठा करके इस मशीन को लेकर आए हैं।

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