मोदी की बायोपिक पर सेलिब्रिटीज का सपोर्ट न मिलने पर भड़के विवेक, सुनाई खरी-खोटी

vivek obroy
मोदी की बायोपिक पर सेलिब्रिटीज का सपोर्ट न मिलने पर भड़के विवेक

मुंबई। बॉलीवुड के कलाकारों को अक्सर उतार चढ़ाव का सामना करना पढ़ता है। जहां हाल ही में आई फिल्म ‘मणिकर्णिका’ को लेकर बोल्ड गर्ल कंगना रनौत ने बॉलीवुड स्टार्स का सपोर्ट ना मिलने पर आरोप लगाया था।

Vivek Oberoi Targets Celebrities On Film Blockade :

वहीं एक बार फिर कुछ ऐसा ही हुआ, जब फिल्म ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ की रिलीज़िंग पर रोक लग जाने के बाद विवेक ओबरॉय ने नाराजगी जताते हुए कहा “सेलेब्रिटीज़ पीएम के साथ सेल्फी तो ले लेते हैं लेकिन बायोपिक को सपोर्ट नहीं करते।”

दरअसल, विवेक ओबेरॉय का कहना है कि “मुझे लगता है कि बॉलीवुड एकजुट इंडस्ट्री नहीं हैं। जब भी किसी फिल्म पर कोई विवाद होता है तो इंडस्ट्री को साथ खड़ा होना चाहिए जैसे वर्ष 2018 में आई फिल्म पद्मावत को लेकर काफी अटकलें आई थी और तो और दिग्गज डायरेक्टर संजय लीला भंसाली के साथ अभद्र व्यवहार किया गया तब इंडस्ट्री को एक जुट होने की जरूरत थी। एक इंडस्ट्री होने के नाते हमें साथ आने की जरूरत है।”

साथ ही उन्होंने ने बताया कि “सेलेब्रिटीज़ पीएम के साथ सेल्फी तो ले लेते हैं लेकिन बायोपिक को सपोर्ट नहीं करते। करीब 600 सिनेमा से जुड़ी हस्तियां कह रही हैं कि बीजेपी को केंद्र सरकार के तौर पर दोबारा नहीं आना चाहिए। चलो उन्हें साथ होने दो, मैं उनका सम्मान करता हूं, उनके पास ऐसा करने का पूरा अधिकार है।”

यही नहीं विवेक ने आगे बताया कि “अगर ये लोकतंत्र की निशानी है तो मैं खुश हूं। लेकिन, ये सभी लोग जो बेबाक रहते हैं, कोई भी इस फिल्म के समर्थन के लिए आगे नहीं आया। सरकार इस फिल्म पर बैन लगाने की कोशिश कर रही हैं लेकिन किसी ने इस फिल्म के बैन पर एक शब्द नहीं कहा। मेरे लिए यह उचित नहीं है। यह उनके अपने सिद्धांत हैं जिसके प्रति वे ईमानदार नहीं है। यह एक दोहरा मापदंड है।”

मुंबई। बॉलीवुड के कलाकारों को अक्सर उतार चढ़ाव का सामना करना पढ़ता है। जहां हाल ही में आई फिल्म 'मणिकर्णिका' को लेकर बोल्ड गर्ल कंगना रनौत ने बॉलीवुड स्टार्स का सपोर्ट ना मिलने पर आरोप लगाया था।

वहीं एक बार फिर कुछ ऐसा ही हुआ, जब फिल्म 'पीएम नरेंद्र मोदी' की रिलीज़िंग पर रोक लग जाने के बाद विवेक ओबरॉय ने नाराजगी जताते हुए कहा "सेलेब्रिटीज़ पीएम के साथ सेल्फी तो ले लेते हैं लेकिन बायोपिक को सपोर्ट नहीं करते।"

दरअसल, विवेक ओबेरॉय का कहना है कि "मुझे लगता है कि बॉलीवुड एकजुट इंडस्ट्री नहीं हैं। जब भी किसी फिल्म पर कोई विवाद होता है तो इंडस्ट्री को साथ खड़ा होना चाहिए जैसे वर्ष 2018 में आई फिल्म पद्मावत को लेकर काफी अटकलें आई थी और तो और दिग्गज डायरेक्टर संजय लीला भंसाली के साथ अभद्र व्यवहार किया गया तब इंडस्ट्री को एक जुट होने की जरूरत थी। एक इंडस्ट्री होने के नाते हमें साथ आने की जरूरत है।"

साथ ही उन्होंने ने बताया कि "सेलेब्रिटीज़ पीएम के साथ सेल्फी तो ले लेते हैं लेकिन बायोपिक को सपोर्ट नहीं करते। करीब 600 सिनेमा से जुड़ी हस्तियां कह रही हैं कि बीजेपी को केंद्र सरकार के तौर पर दोबारा नहीं आना चाहिए। चलो उन्हें साथ होने दो, मैं उनका सम्मान करता हूं, उनके पास ऐसा करने का पूरा अधिकार है।"

यही नहीं विवेक ने आगे बताया कि "अगर ये लोकतंत्र की निशानी है तो मैं खुश हूं। लेकिन, ये सभी लोग जो बेबाक रहते हैं, कोई भी इस फिल्म के समर्थन के लिए आगे नहीं आया। सरकार इस फिल्म पर बैन लगाने की कोशिश कर रही हैं लेकिन किसी ने इस फिल्म के बैन पर एक शब्द नहीं कहा। मेरे लिए यह उचित नहीं है। यह उनके अपने सिद्धांत हैं जिसके प्रति वे ईमानदार नहीं है। यह एक दोहरा मापदंड है।"