वीके सिंह ने अपने विवादित बयान पर दी सफाई, कहा- किसी प्रकार की तुलना करना नहीं था मकसद

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने हरियाणा के फरीदाबाद जिले में दो दलित बच्चों को जिंदा लगाए जाने वाली घटना को लेकर पहले कहा था कि अगर कोई किसी कुत्ते पर पत्थर फेंकता है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार नहीं है। लेकिन विपक्षियों के हमलों के बाद अब वह अपने उस बयान पर सफाई पेश करते दिखाई दे रहे हैं।  उन्होने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनका मकसद किसी प्रकार की तुलना करना नहीं था।

सिंह ने अपने वक्तव्य पर सफाई देते हुए कहा कि मेरा बयान किसी प्रकार की तुलना करना नहीं था। जाति, संप्रदाय या धर्म के मतभेद के बिना मेरे लोग और मैं देश के लिए सीमा पर अपनी जान की बाजी लगाते हैं। उन्होने कहा कि मैं इसी भावना के साथ अभी और सदैव देश की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हूं। हमारा देश, इसकी कामयाबी और लोग मुझे प्रतिदिन प्रेरित करते हैं। हालांकि सिंह ने लिखा कि स्थानीय मुद्दों को उकसाना नहीं चाहिए।

सिंह ने कहा कि इस महान देश के नागरिक के तौर पर हम संवेदनशील हैं, लेकिन साथ ही जिम्मेदार भी हैं। भारत किसी भी एक पड़ोस या व्यक्ति से बड़ा है। हम सभी को एकजुट रहना चाहिए और किसी को भी स्थानीय मुद्दों को उकसाकर हमारी विविधता का लाभ उठाने का मौका नहीं देना चाहिए। उन्होने यह सफाई सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट ट्विटर के माध्यम से दिया।

मालूम हो कि सिंह ने संवाददाताओं को कहा था कि अगर कोई किसी कुत्ते पर पत्थर फेंकता है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार नहीं है। यह दो परिवारों के बीच का झगड़ा था और मामले की जांच जारी है। उन्होने कहा कि प्रशासन की नाकामयाबी का दोष सरकार के माथे पर नहीं मढ़ा जाना चाहिए, जिसके बाद मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने राजग सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया।

कांग्रेस ने सिंह के इस बयान पर जमकर आपत्ति जताई थी। कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने उन्हें अपदस्थ करने की मांग करते हुए कहा कि उन पर कानून के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होने मीडिया को कहा कि वीके सिंह ने जो कहा, वह बेहद अमानवीय और अस्वीकार्य है। मुझे समझ नहीं आ रहा कि मोदी के मंत्रियों को क्या हो रहा है। अनुसूचित जाति/जनजाति के खिलाफ अत्याचार अधिनियम के तहत उन पर मामला दर्ज किया जाना चाहिए।