रूस में कायम पुतिन का दबदबा, चौथी बार बनें राष्ट्रपति

रूस में कायम पुतिन का दबदबा, चौथी बार बनें राष्ट्रपति
रूस में कायम पुतिन का दबदबा, चौथी बार बनें राष्ट्रपति
मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (65) चौथी बार फिर 6 साल के लिए राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं। रविवार को हुए चुनाव में उन्हें 76 फीसद से ज्यादा वोट मिले, जो पिछली बार से करीब 13 फीसद ज्यादा है। इसके साथ ही वह जोसेफ स्टालिन के बाद रूस में सबसे ज्यादा सत्ता में रहने वाले नेता बन जाएंगे। बीते 18 सालों से राजनीति में अपना दबदबा रखने वाले पुतिन ने अपने प्रशंसकों की भीड़ को संबोधित करते हुए कहा…

मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (65) चौथी बार फिर 6 साल के लिए राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं। रविवार को हुए चुनाव में उन्हें 76 फीसद से ज्यादा वोट मिले, जो पिछली बार से करीब 13 फीसद ज्यादा है। इसके साथ ही वह जोसेफ स्टालिन के बाद रूस में सबसे ज्यादा सत्ता में रहने वाले नेता बन जाएंगे।

बीते 18 सालों से राजनीति में अपना दबदबा रखने वाले पुतिन ने अपने प्रशंसकों की भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें इस जीत का भरोसा था क्योंकि उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में भी विश्वास मत हासिल कर लिया था। कोई भी उम्मीदवार पुतिन को मुकाबले की टक्कर नहीं दे सका और विपक्षी नेता ऐलेक्सी नवॉलनी को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था। 65 साल के पुतिन साल 2000 से रूस के राष्ट्रपति पद पर बने हुए हैं।

{ यह भी पढ़ें:- रूस ने दी अमेरिका को धमकी, कहा- देंगे मुंह तोड़ जवाब }

पुतिन ने रविवार को रेड स्क्वायर के पास हजारों की संख्या में जुटे समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्हें वोट करने के लिए लोगों का आभार जताया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2012 के चुनाव के मुकाबले पुतिन को मिले वोटों की संख्या बढ़ी है। 2012 में पुतिन को 64 फीसदी वोट मिले थे। ग्रीनविच मीन टाइम के मुताबिक, तीन बजे तक वोट प्रतिशत 59.93 फीसदी रहा।

रूस की संसद के ऊपरी सदन के स्पीकर वेलेंटिना मातविन्को ने कहा कि पुतिन को मिले वोटों और मत प्रतिशत दोनों लिहाज से यह अप्रत्याशित है। रूस में 10.89 करोड़ मतदाता मतदान के पात्र हैं, जबकि अन्य 18.7 लाख मतदाता दूसरे देशों में रहते हैं। रूस में कुल 97,000 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जबकि 145 देशों में 400 मतदान केंद्रों का निर्माण किया गया था। हालांकि, यूक्रेन में रह रहे रूसी नागरिकों को मतदान की अनुमति नहीं थी।

{ यह भी पढ़ें:- ब्रिटेन-रूस जंग में कूदा भारत, PM मोदी और पुतिन की फोन पर लंबी बात }

Loading...