अब मोबाइल से लेनदेन करने वाले ग्राहकों की आवाज से होगी पहचान, जानिए कैसे

मोबाइल से लेनदेन करने वालों के लिए अब एक और नया सुरक्षा फीचर आ चुका है। मोबाइल फोन के जरिए लेनदेन करने वाले बैंक ग्राहकों की आवाज की पहचान के तहत उसें और अधिक सुरक्षित और सरल बनाने जा रहे हैं। मोबाइल पेमेंट फोरम ऑफ इंडिया (एमपीएफआई) इसके साथ कई सारे सुविधाजनक फीचर लाने जा रही है। एमपीएफआई के चेयरमैन गौरव रैना ने कहा है कि एमपीएफआई वॉयस आधारित आधारित सत्यापन सहल और सुरक्षित तकनीक है।

इसके लिए है जरूरी
उन्होंने कहा कि मोबाइल वॉलेट और मोबाइल बैंकिंग के तहत लेनदेन इस समय बहुत तेजी से बढ़ रहा है जिसको देखते हुए वॉयस के जरिए पहचान करने वाला फीचर बेहद जरूरी है। वॉयस बेस्ड प्रमाणन वित्तीय लेनदेन के संबंध में साक्षरता का एक तय स्तर है। इसके पीछे का उद्देश्य लेनदेन को हर स्तर पर आसान बनाना है।

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इसके अलावा बुजुर्ग लोग अन्य किस्म की प्रौद्योगिकी के प्रति सहज नहीं हो सकते हैं। इस वजह से बैंकिंग में वॉयस सत्यापन महत्वपूर्ण भूमिका निभाग सकता है। ईआईटी मद्रास के प्रोफैसर रैना ने कहा है कि कि आने वाले दिनों में एसएमएस बैंकिंग के लिए मैसेजेज का फॉर्मेट आसान बनाने, नियर फील्ड कम्यूनिकेशन (एनएफसी), प्रॉक्सिमिटी पेमेंट आदि पर भी काम किया जाएगा। इस फोरम का गठन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास और बैंकिंग प्राद्योगिकी पर काम करने वाली हैदराबाद की संस्था इंस्टिटयूट फार डेवलपमेंट एंड रिसर्च इन बैंकिंग टेक्नोलाजी साथ मिलकर किया है।

एक मास्टरकोड का यूज
आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर रैना ने यह भी कहा है कि अभी प्रत्येक व्यक्ति के पास स्मार्टफोन नहीं है। हालांकि मोबाइल नेटवर्क बेहतर हो रहा है लेकिन कई बार यह खराब हो जाता है। इस वजह से एसएमएस आधारभूत वित्तीय सेवाओं का एक माध्यम हो सकता है। इसको बढ़ावा देने और इसके मानकीकरण करने की जरूरत है। बैंक अकाउंट में बैलेंस संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए सभी बैंकों में एक मास्टरकोड का यूज किया जा सकता है।

ये है खास बातें
इस नई तकनीक के आने से मोबाइल से लेनदेन में आवाज से ही ग्राहकों की पहचान हो जाएगी। इसके अलावा मोबाइल पेमेंट फोरम ऑफ इंडिया कई सुविधाजनक फीचर लाएगा तथा मोबाइल वॉलेट और मोबाइल बैंकिंग के बढ़ते यूज में सहायता करेगा। इस साल अगस्त 2017 में 09 करोड़ के लेनदेन आईएमपीएस और यूपीआई से हुए हैं। इसके अलावा 2016-17 में 50 करोड़ से ज्यादा लेनदेन आईएमपीएस से हुए हैं।

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