व्यापमं घोटाला: पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा के 31 आरोपी दोषी करार

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व्यापमं घोटाला: पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा के 31 आरोपी दोषी करार

नई दिल्ली। व्यापम महाघोटाले की पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा घोटाले 2013 के मामले में सभी 31 आरोपियों को अदालत ने दोषी माना है।  वहीं कोर्ट सजा पर फैसला 25 नवंबर को सुनाएगी। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपितों को सेंट्रल जेल भेजने के आदेश दिए हैं। व्यापमं घोटाले में राजेंद्र नगर थाने में दर्ज मामले के बाद जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी।

Vyapam Scam 31 Accused Convicted Of Police Constable Recruitment Examination :

व्यापमं मामले में एसटीएफ की यह पहली एफआईआर थी। कुछ समय बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते व्यापमं घोटाले की जांच एसटीएफ से हटाकर सीबीआई को सौंप दी गई थी। सीबीआई ने पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा घोटाले की 2013 परीक्षा घोटाले के मामले में 31 लोगों को आरोपी बनाया था। इस मामले में गवाही 2014 में शुरू हुई थी। गवाही पांच साल चली।

आरक्षक भर्ती परीक्षा के फर्जी परीक्षार्थी को 7 साल की जेल

सीबीआई की विशेष अदालत ने व्यापमं की पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा- 2016 में फर्जी परीक्षार्थी के रूप में शामिल होने वाले आरोपी शिवरतन सिंह तोमर को सात साल के कारावास और 6 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि इसी मामले के आरोपी जुगराज सिंह गुर्जर को अदालत 28 फरवरी 2019 को फरार घोषित कर चुकी है। सजा बुधवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय श्रीवास्तव ने सुनाई।

नई दिल्ली। व्यापम महाघोटाले की पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा घोटाले 2013 के मामले में सभी 31 आरोपियों को अदालत ने दोषी माना है।  वहीं कोर्ट सजा पर फैसला 25 नवंबर को सुनाएगी। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपितों को सेंट्रल जेल भेजने के आदेश दिए हैं। व्यापमं घोटाले में राजेंद्र नगर थाने में दर्ज मामले के बाद जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी। व्यापमं मामले में एसटीएफ की यह पहली एफआईआर थी। कुछ समय बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते व्यापमं घोटाले की जांच एसटीएफ से हटाकर सीबीआई को सौंप दी गई थी। सीबीआई ने पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा घोटाले की 2013 परीक्षा घोटाले के मामले में 31 लोगों को आरोपी बनाया था। इस मामले में गवाही 2014 में शुरू हुई थी। गवाही पांच साल चली। आरक्षक भर्ती परीक्षा के फर्जी परीक्षार्थी को 7 साल की जेल सीबीआई की विशेष अदालत ने व्यापमं की पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा- 2016 में फर्जी परीक्षार्थी के रूप में शामिल होने वाले आरोपी शिवरतन सिंह तोमर को सात साल के कारावास और 6 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि इसी मामले के आरोपी जुगराज सिंह गुर्जर को अदालत 28 फरवरी 2019 को फरार घोषित कर चुकी है। सजा बुधवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय श्रीवास्तव ने सुनाई।