व्यापमं घोटाला मामले में 2 गिरफ्तार

भोपाल: मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने तत्कालीन दो अधिकारियों को गिरफ्तार कर मंगलवार को भोपाल में सीबीआई न्यायाधीश डी.पी. मिश्रा की अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को आठ दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। सीबीआई द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि व्यापमं द्वारा वर्ष 2013 में आयोजित वन रक्षक भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ी के मामले में तत्कालीन प्रमुख सिस्टम एनालिस्ट नितिन महेंद्रा और असिस्टेंट प्रोग्रामर सी.के. मिश्रा को गिरफ्तार किया गया।




ज्ञात हो कि पूर्व में भी इन दोनों की अन्य मामलों में गिरफ्तारी हो चुकी है। इस समय जमानत पर थे। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक सतीश दिनकर ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायाधीश डी.पी. मिश्रा की अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को एक सप्ताह के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। सीबीआई सूत्रों के अनुसार, वन रक्षक भर्ती परीक्षा-2013 में आयोजित परीक्षा के डिजिटल रिकार्ड, अंक व परिणाम में छेड़छाड़ की गई थी। इस मामले में 47 परीक्षार्थी आरोपी बनाए गए। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई के प्रकरण दर्ज करने से पहले पुलिस ने भी इस मामले में प्रकरण दर्ज किया था।




ज्ञात हो कि सर्वोच्च न्यायालय ने नौ जुलाई 2015 को व्यापमं की जांच सीबीआई को सौंपी थी। सीबीआई ने इस मामले की जांच करते हुए सौ से ज्यादा प्राथमिकी दर्ज की है। व्यापमं से जुड़े 48 लोगों की मौत हुई है। समाचार चैनल आजतक के खोजी पत्रकार अक्षय सिंह ने मामले के तह तक जाने का प्रयास शुरू किया था, लेकिन उनकी भी रहस्यमय परिस्थिति में मौत हो गई। सीबीआई इन मौतों की भी जांच कर रही है। सीबीआई की जांच से पहले जांच करते हुए एसटीएफ ने व्यापमं घेटाले में कुल 55 प्रकरण दर्ज किए गए थे। 21 सौ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, वहीं 491 आरोपी फरार रहे। एसटीएफ ने इस मामले के 12 सौ आरोपियों के चालान भी पेश किए थे। इस मामले का जुलाई 2013 में खुलासा होने के बाद जांच का जिम्मा अगस्त 2013 एसटीएफ को सौंपा गया था। फिर इस मामले को उच्च न्यायालय ने संज्ञान में लेते हुए पूर्व न्यायाधीश चंद्रेश भूषण की अध्यक्षता में अप्रैल 2014 में एसआईटी बनाई, जिसकी देखरेख में एसटीएफ जांच कर रही थी। अब मामला सीबीआई के पास है।

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