भारत के सामने युद्ध आखिरी रास्ता होना चाहिए: दिग्विजय सिंह

पणजी| कांग्रेस महासचिव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए शनिवार को कहा कि मोदी ने भारतीय प्रधानमंत्री के तौर पर पाकिस्तान से व्यवहार करने में एक धर्यवान और गैर टकरावादी रुख अपनाया है। दिग्विजय ने कहा कि भाजपा..खासतौर पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के रूप में आक्रामक बयान देते रहे हैं और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर अक्षमता और कमजोरी के आरोप लगाते रहे हैं लेकिन वह बिल्कुल वैसा ही कर रहे हैं, जैसा किसी भारतीय प्रधानमंत्री को करना चाहिए।




उन्होंने कहा, “दोनों देशों के पास परमाणु हथियार हैं, इसलिए युद्ध आखिरी रास्ता होना चाहिए। बातचीत और पाकिस्तान पर दबाव बनाने के सभी प्रयास किए जाने चाहिए।” सिंह ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को दुनियाभर में अलग-थलग करने के लिए आक्रामक अभियान चलाने की मांग की। उन्होंने कहा, “संयुक्त राष्ट्र न्यूयॉर्क में आतंकवाद के मुद्दे पर चर्चा कर रहा है। हमें आतंकवादी गतिविधियों में पाकिस्तान के सम्मिलित होने का ठोस सबूत देना होगा। पहले पाकिस्तान ने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद ने यह किया है। जैश-ए-मोहम्मद के सरगना अजहर मसूद को राजग सरकार ने इंडियन एयरलाइन्स के अपहरण मामले में छोड़ दिया था। कांग्रेस कभी भी आतंकवादियों या आतंकवाद में शामिल लोगों के साथ समझौता नहीं करती।”




सिंह ने साथ ही कहा कि मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की विदेश नीति सही नहीं है। उन्होंने दावा किया कि रूस जैसे पुराने कूटनीतिक सहयोगी पाकिस्तान की ओर झुक रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमारा पुराना मित्र रूस भी पाकिस्तान के साथ मिलकर सैन्य अभ्यास कर रहा है, जो कि पहले कभी नहीं हुआ..यह चिंता की बात है, जिस पर भाजपा को ध्यान देना चाहिए।” कश्मीर मुद्दे पर सिंह ने कहा, “कश्मीर में जो हो रहा है, वह हम सभी के लिए चिंता का विषय है। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा सत्तारूढ़ सरकार का समर्थन किया है।”