जल निगम लापरवाह: यमुना में आया नालों का पानी, आरओ के पानी से हुआ भोलेनाथ का अभिषेक

Yamuna's dirty water
जल निगम लापरवाह: यमुना में आया नालों का पानी, आरओ के पानी से हुआ भोलेनाथ का अभिषेक

मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा में जल निगम और नगर निगम की लापरवाही से भक्त भोलेनाथ का अभिषेक यमुना नदी के पानी से नही कर पाये। दरअसल नगर निगम के दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) सोमवार को पूरी तरह ठप हो गए, दो बड़े नालों का पानी इन्ही एसटीपी में आता है लेकिन एसटीपी ठप्प होने की वजह से नालों का पानी यमुना नदी में पहुंच गया। यमुना में चारों ओर कूड़ा-कचरा, जूते-चप्पल, पॉलिथीन देखकर श्रद्धालू परेशान हो गये। उनका पानी के नजदीक जाने का भी मन नही हो रहा था। ऐसे में श्रद्धालुओं ने यमुना के घाटों पर बने शिवालयों में लगे आरओ प्लांट से बोतल खरीदकर भोलेनाथ का अभिषेक किया।

Water Corporation Careless Water From Drains Came Into Yamuna Bholenaths Anointing With Ro Water :

बता दें कि यमुना नदी में यह गंदगी स्वामी घाट, बंगाली घाट, शृंगार घाट, प्राग घाट, श्याम घाट, रामघाट, दाऊजी घाट, कात्यायनी घाट पर दिखाई दी। जहां सरकार करोड़ों रुपये यमुना की सफाई पर खर्च कर रही है। नगर निगम, जल निगम, सिंचाई विभाग समेत करीब आधा दर्जन विभागों पर इसकी जिम्मेदारी दी गयी है। लेकिन शहर के करीब 30 नालों का पानी यमुना में जाने से नहीं रोका जा पा रहा है।

बता दें कि सबसे ज्यादा गंदा पानी मसानी नाले से यमुना में पहुंचता है। उसके बाद स्वामी घाट के नाले का नंबर आता है। हालांकि दोनों जगह सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए हैं, लेकिन प्लांट गंदगी रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सोमवार को दोनों प्लांट सुबह ही बंद कर दिए गए और नालों का पानी सीधे यमुना में छोड़ दिया गया। इससे सभी प्रमुख घाटों पर नालों की गंदगी पहुंच गई। बताया गया कि श्रद्धालु भगवान शिवशंकर का जलाभिषेक यमुना नदी के पानी से ही करते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए बहुत बड़ा संकट था कि गंदे पानी से भोलेनाथ का अभिषेक कैसे करें। भक्तों ने गंदा पानी भोलेनाथ पर नही चढ़ाया, भक्तों ने आरओ वाटर खरीदकर अभिषेक किया।

बताया गया कि विश्व धर्म रक्षक दल के पदाधिकारी यमुना की सफाई को लेकर काफी समय से लड़ाई लड़ रहे हैं। सबसे दिलचश्प बात ये है कि धरने पर ही भजन-कीर्तन भी होता है। ये पदर्शनकारी यमुना जल में गंदगी बढ़ जाने पर घाटों पर सफाई भी करते हैं। सोमवार को जब यमुना में गंदगी बढ़ गयी तो यह देखकर विश्व धर्म रक्षक दल के पदाधिकारी भड़क गए और अध्यक्ष विजय चतुर्वेदी के नेतृत्व में नगर आयुक्त को ज्ञापन देने नगर निगम पहुंचे।

यमुना नदी में गंदे पानी की शिकायत मिलने पर नगर आयुक्त रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि नालों के गंदे पानी को यमुना में जाने से रोकने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किए जा रहे हैं। जब तक प्लांट तैयार नहीं हो जाते नालों के पानी को रोक पाना संभव नहीं है। घाटों की सफाई के लिए नमामि गंगे के कर्मचारी तैनात हैं।

मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा में जल निगम और नगर निगम की लापरवाही से भक्त भोलेनाथ का अभिषेक यमुना नदी के पानी से नही कर पाये। दरअसल नगर निगम के दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) सोमवार को पूरी तरह ठप हो गए, दो बड़े नालों का पानी इन्ही एसटीपी में आता है लेकिन एसटीपी ठप्प होने की वजह से नालों का पानी यमुना नदी में पहुंच गया। यमुना में चारों ओर कूड़ा-कचरा, जूते-चप्पल, पॉलिथीन देखकर श्रद्धालू परेशान हो गये। उनका पानी के नजदीक जाने का भी मन नही हो रहा था। ऐसे में श्रद्धालुओं ने यमुना के घाटों पर बने शिवालयों में लगे आरओ प्लांट से बोतल खरीदकर भोलेनाथ का अभिषेक किया। बता दें कि यमुना नदी में यह गंदगी स्वामी घाट, बंगाली घाट, शृंगार घाट, प्राग घाट, श्याम घाट, रामघाट, दाऊजी घाट, कात्यायनी घाट पर दिखाई दी। जहां सरकार करोड़ों रुपये यमुना की सफाई पर खर्च कर रही है। नगर निगम, जल निगम, सिंचाई विभाग समेत करीब आधा दर्जन विभागों पर इसकी जिम्मेदारी दी गयी है। लेकिन शहर के करीब 30 नालों का पानी यमुना में जाने से नहीं रोका जा पा रहा है। बता दें कि सबसे ज्यादा गंदा पानी मसानी नाले से यमुना में पहुंचता है। उसके बाद स्वामी घाट के नाले का नंबर आता है। हालांकि दोनों जगह सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए हैं, लेकिन प्लांट गंदगी रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सोमवार को दोनों प्लांट सुबह ही बंद कर दिए गए और नालों का पानी सीधे यमुना में छोड़ दिया गया। इससे सभी प्रमुख घाटों पर नालों की गंदगी पहुंच गई। बताया गया कि श्रद्धालु भगवान शिवशंकर का जलाभिषेक यमुना नदी के पानी से ही करते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए बहुत बड़ा संकट था कि गंदे पानी से भोलेनाथ का अभिषेक कैसे करें। भक्तों ने गंदा पानी भोलेनाथ पर नही चढ़ाया, भक्तों ने आरओ वाटर खरीदकर अभिषेक किया। बताया गया कि विश्व धर्म रक्षक दल के पदाधिकारी यमुना की सफाई को लेकर काफी समय से लड़ाई लड़ रहे हैं। सबसे दिलचश्प बात ये है कि धरने पर ही भजन-कीर्तन भी होता है। ये पदर्शनकारी यमुना जल में गंदगी बढ़ जाने पर घाटों पर सफाई भी करते हैं। सोमवार को जब यमुना में गंदगी बढ़ गयी तो यह देखकर विश्व धर्म रक्षक दल के पदाधिकारी भड़क गए और अध्यक्ष विजय चतुर्वेदी के नेतृत्व में नगर आयुक्त को ज्ञापन देने नगर निगम पहुंचे। यमुना नदी में गंदे पानी की शिकायत मिलने पर नगर आयुक्त रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि नालों के गंदे पानी को यमुना में जाने से रोकने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किए जा रहे हैं। जब तक प्लांट तैयार नहीं हो जाते नालों के पानी को रोक पाना संभव नहीं है। घाटों की सफाई के लिए नमामि गंगे के कर्मचारी तैनात हैं।