दिल्ली: उफान पर यमुना का जलस्तर, मंडरा रहा बाढ़ का खतरा

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दिल्ली: उफान पर यमुना का जलस्तर, मंडरा रहा बाढ़ का खतरा

नई दिल्ली। खतरे के निशान को पार कर चुकी यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और मंगलवार को यह 206.03 मीटर तक पहुंच गया। हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने की वजह से दिल्ली में यमुना नदी उफान पर है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है क्योंकि जलस्तर बढ़ रहा है और स्थिति गंभीर है। कुछ लोग दूसरी जगह जाने के लिए तैयार नहीं हैं, लेकिन हम उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं।

केंद्रीय जल आयोग ने अपने पूर्वानुमान में शाम तक जलस्तर में कमी आने की बात कही है। दिल्ली में 1978 में सबसे खराब बाढ़ देखी गई जब नदी का जलस्तर रिकॉर्ड 207.49 मीटर पर पहुंच गया था। पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारी के. महेश ने बताया कि मंगलवार सुबह 9 बजे के आसपास यमुना का जलस्तर 206.03 रहा। मंगलवार सुबह ही हथिनीकुंड बैराज से 24,992 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि पांच लाख क्यूसेक पानी 28 जुलाई को छोड़ा गया था। उम्मीद जताई जा रही है कि अगर बारिश नहीं हुई तो यमुना का जलस्तर जल्द नीचे आएगा।

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वहीं दिल्ली में बाढ़ की आशंका को देखते हुए उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया खुद राहत और बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। एक दिन पहले ही वह अक्षरधाम और पांडव नगर जैसे निचले इलाकों में लोगों को निकालने के लिए चल रहे काम का जायजा लेने पहुंचे थे। जलस्तर बढ़ने से यमुना के निचले इलाकों में पानी भर गया है और अवैध रूप से बसी झुग्गियों में पानी भर गया है। अब तक करीब 10 हजार परिवारों को हटाया गया है।

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नई दिल्ली। खतरे के निशान को पार कर चुकी यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और मंगलवार को यह 206.03 मीटर तक पहुंच गया। हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने की वजह से दिल्ली में यमुना नदी उफान पर है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है क्योंकि जलस्तर बढ़ रहा है और स्थिति गंभीर है। कुछ लोग दूसरी जगह…
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