भारतीय अर्थव्यवस्था ब्रिटेन को पिछाड़ बनी 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था

नई दिल्ली। अंग्रेजों ने भले ही भारत पर 200 साल तक अपना हुक्म चलाया हो लेकिन हमारे लिए खुशी की बात ये है कि वो अर्थव्यवस्था के मामले में हमसे पीछे हो गए। फोर्ब्स मैगजीन की एक रिपोर्ट नें इस बात का खुलासा किया है। यूरोपियन यूनियन से बाहर हो जाने के बाद से ब्रिटेन में आई समस्याओं की वजह से और भारत की तेज अर्थव्यवस्था के कारण भारत ने ब्रिटेन को पिछाड़ दिया है। पिछले 150 सालों में भारत में ऐसा पहली बार हुआ है।




फॉर्ब्‍स मैगजीन ने इस बात का खुलासा किया है कि पिछले पच्चीस सालों में भारत की अर्थव्यवस्था में जो तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है और साल भर में पाउंड की कीमत में आई गिरावट की वजह से यह बदलाव आया है। अनुमान लगाया गया था कि 2020 तक ब्रिटेन की जीडीपी को पार कर लिया गया था। हालांकि पिछले एक साल में पाउंड की कीमत में आई गिरावट ने इस काम को अनुमानित समय से पहले कर दिया।




भारत हर साल करीब 6-8 % की दर से बढ़ोत्तरी कर रहा है जिसकी वजह से ब्रिटेन और भारत के बीच दायरा और भी बढ़ता जाएगा, जबकि ब्रिटेन की विकास दर 2020 तक 1-2 % के बीच ही रहेगी। इस बात की जानकारी के बाद केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने इस पर खुशी जताते हुए कहा कि भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ अमेरिका, चीन, जापान व जर्मनी के बाद पांचवीं सबसे बड़ी जीडीपी बना। भारत की आबादी ज्यादा भले ही क्यो न हो लेकिन यह बड़ा कदम है।’