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हम NRC ला रहे हैं, देश में एक भी घुसपैठिया नहीं बचेगा: अमित शाह

By बलराम सिंह 
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We Are Bringing Nrc Not A Single Intruder Will Remain In The Country Amit Shah

कोलकाता। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कोलकाता में कहा कि पश्चिम बंगाल में आने वाले विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत की बीजेपी की सरकार बनेगी। अमित शाह ने कोलकाता में राष्ट्रीय नागरिक पंजीे (एनआरसी) और नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2019 पर संगोष्ठी को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि 2014 में 2 सीट और आज 18 सीट मिली है। लेकिन करीब ढाई करोड़ बंगाल की जनता ने कमल के निशान पर वोट किया है। उन्होंने कहा कि आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बहुमत की सरकार बनेगी।

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अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल और अनुच्छेद 370 के बीच एक विशेष संबंध है। डाक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी इसी मिट्टी के सपूत थे। उन्होंने एक निशान, एक विधान, एक प्रधान का नारा बुलंद किया था। उन्होंने कहा कि बंगाल के सपूत डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने नारा लगाया था कि एक देश में दो प्रधान, दो विधान और दो संविधान नहीं चलेंगे। भारत मां के इस महान सपूत को गिरफ्तार किया गया और रहस्यमय तरीके से उनकी मृत्यु हो गई।

अमित शाह ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी की शहादत के बाद कांग्रेस को लगा कि मामला अब समाप्त हो गया, लेकिन उन्हें पता नहीं कि हम भाजपा वाले हैं किसी चीज को पकड़ते हैं तो फिर उसे छोड़ते नहीं हैं। आपने इस बार फिर भाजपा सरकार बनाई और हमने एक ही झटके में 370 को उखाड़कर फेंक दिया। एनआरसी पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि हम एनआरसी ला रहे हैं, उसके बाद हिंदुस्तान में एक भी घुसपैठिए को नहीं रहने देंगे, उन्हें चुन-चुनकर बाहर करेंगे।”

उन्होंने कहा कि एनआरसी पर लोगों को बरगलाया जा रहा है। अमित शाह ने कहा कि जो हिन्दू, सिख और ईसाई शरणार्थी भारत आए हैं, उन्हें देश छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बारे में झूठ फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करना ही होगा और इस दिशा में हमें एनआरसी भी लागू करना होगा। उन्होंने ममता सरकार पर घुसपैठिए को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा राजनीतिक स्वार्थ के चलते किया जा रहा है।

गौरतलब है कि यह सेमिनार ऐसे वक्त में हुआ जब पश्चिम बंगाल में एनआरसी के लागू होने के कथित भय से 11 लोगों की मौत हो चुकी है। इसलिए कार्यक्रम की अहमियत ज्यादा है। सैकड़ों लोग शहर और राज्य के अन्य हिस्सों में अपने जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज लेने के लिए सरकारी और नगर निकाय के दफ्तरों के बाहर कतार लगाए खड़े हैं, ताकि अगर राज्य में एनआरसी को लागू किया जाए तो उनकी तैयारी पूरी रहे।

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गृह मंत्री ने कहा कि पूरे देश में एनआरसी को लागू किया जाएगा जबकि राज्य की ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार ने पश्चिम बंगाल में एनआरसी को लागू नहीं करने का संकल्प लिया है।

असम, देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां एनआरसी की कवायद की गई है। एनआरसी की 31 अगस्त को प्रकाशित सूची में 19 लाख लोगों के नाम शामिल नहीं हैं। इनमें से 12 लाख हिन्दू हैं। एनआरसी 1985 के असम समझौते के तहत और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई है।

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