लोकतंत्र बचाने के लिए किसी भी पार्टी से हाथ मिलाने को तैयार हैं मायावती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा अध्यक्ष मायावती ने अंबेडकर जयंती के मौके पर कहा कि वो लोकतंत्र बचाने के लिए किसी भी भाजपा विरोधी पार्टी से हाथ मिलाने के लिए तैयार हैं। आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि भाजपा ने 403 सीटों में से 250 सीटों पर ईवीएम से छेड़छाड़ की है। यह वो सीटें थीं जहां भाजपा काफी कमजोर थी। हम ईवीएम को लेकर विरोध जारी रखेंगे और हमारी इस लड़ाई में कोई और भाजपा विरोधी पार्टी हमारे साथ आना चाहती है तो हम उससे हाथ मिलाने को तैयार हैं।




इस दौरान उन्होंने कहा कि जब बसपा की सरकार थी तब यूपी को पाकिस्तान नहीं बनने दिया गया और आगे भी जब बसपा की सरकार होगी तब भी नहीं बनने देंगे। मायावती ने कार्यक्रम में अपने भाई को पार्टी का उपाध्यक्ष घोषित करते हुए कहा कि मैंने वादा लिया है कि वो कभी चुनाव नहीं लड़ेंगे और पार्टी को आगे ले जाने के लिए काम करेंगे।

मायावती ने लिखे हुए भाषण पढ़ने के आरोपों का जवाब देते हुए आज खुलासा किया कि वर्ष 1996 में उनके गले का बड़ा आपरेशन हुआ था और पूरी तरह खराब हो चुका एक ‘ग्लैण्ड’ डॉक्टरों ने निकाल दिया था। उन्होंने कहा कि बिना लिखा भाषण देने में ऊंचा बोलना पड़ता है लेकिन डॉक्टरों ने ऐसा नहीं करने की सलाह दी है।




बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने छोटे भाई आनंद कुमार को पार्टी उपाध्यक्ष बनाने का आज ऐलान किया और भाजपा के खिलाफ आक्रामक तेवर अपनाते हुए भाजपा विरोधी दलों से हाथ मिलाने के संकेत दिए। मायावती ने कहा, ‘‘मैंने इस शर्त के साथ आनंद कुमार को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने का फैसला ले लिया है कि वह पार्टी में हमेशा नि:स्वार्थ भावना से कार्य करता रहेगा और कभी भी सांसद, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री आदि नहीं बनेगा। इसी शर्त के आधार पर आज मैं उसे पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष घोषित कर रही हूं।”