यूपी में भी फनी चक्रवात का असर देखने को मिलेगा, मौसम में होगा बदलाव

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लखनऊ। ओडिशा में चक्रवात फनी का असर यूपी में भी देखने को मिल सकता है। किसानों और भंडार गृहों को मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनी में कहा गया है नमी व तेज हवा से फसल के होने वाले नुकसान से बचनाने के लिए कटी फसल खुले में रखे अनाज, एवं खेतों में तैयार खड़ी फसल को काटकर सुरक्षित रखने की समुचित व्यवस्था कर लें।

Weather Department Alerts Of Cyclone Fani In Up :

पिछले चार दिनों से अधिकतम तापमान 40 डिग्री से ऊपर चल रहा है। मंगलवार को तापमान ने पिछले आठ वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया। अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस जा पहुंचा। सन 2010 में तापमान 44 डिग्री पार कर गया था। इसके बाद अब तापमान अप्रैल में 43 के पार पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार राहत देने वाली बात यह है कि अगले 36 घंटे के बाद मौसम में तब्दीली हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर से उठे फैनी नामक चक्रवात का असर उप्र के अधिकांश क्षेत्रों में पडऩे वाला है। तूफान का सीधा असर वैसे उड़ीसा और इसके तटीय इलाकों में पड़ेगा इसकी वजह से दिल्ली में तेज हवाएं और हल्की बारिश की संभावना है। फैनी नामक चक्रवात पिछले कुछ दिनों से अरब सागर से सटे इलाकों में तूफान और बारिश लेकर आ रहा है। इसी तरह की स्थिति कानपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों होने की संभावना है।

जिससे तापमान में पांच से छह डिग्री सेल्सियस की कमी आएगी। दो मई से लेकर करीब पांच मई तक मौसम ठीक रहने की संभावना है। रात के तापमान में भी कमी आएगी। इस बीच मंगलवार को चमड़ी झुलसाने वाली गर्मी ने दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटे जैसी स्थिति पैदा कर दी।

भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि अगले 12 घंटों के दौरान चक्रवात फैनी के उत्तर पश्चिम की ओर बढऩे की संभावना है। इसके बाद यह तूफान गोपालपुर और चंबल के बीच ओडिशा तट को पार कर जाएगा। 3 मई को दोपहर में पुरी पहुंचने पर इस तूफान की अधिकतम गति 175-185 किमी प्रति घंटा से 205 किमी प्रति घंटा तक रहने की संभावना है।

अप्रैल महीने में अब तक 30 तारीख को ही दो बार तापमान 40 से ऊपर जा चुका है। 2014 में 42.2 और 2009 में इसी दिन पारा 44.4 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। 2010 के अप्रैल में भी तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस गया है। 2017 के अप्रैल महीने में अधिकतम तापमान 43 डिग्री तक जा चुका है।

लखनऊ। ओडिशा में चक्रवात फनी का असर यूपी में भी देखने को मिल सकता है। किसानों और भंडार गृहों को मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनी में कहा गया है नमी व तेज हवा से फसल के होने वाले नुकसान से बचनाने के लिए कटी फसल खुले में रखे अनाज, एवं खेतों में तैयार खड़ी फसल को काटकर सुरक्षित रखने की समुचित व्यवस्था कर लें। पिछले चार दिनों से अधिकतम तापमान 40 डिग्री से ऊपर चल रहा है। मंगलवार को तापमान ने पिछले आठ वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया। अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस जा पहुंचा। सन 2010 में तापमान 44 डिग्री पार कर गया था। इसके बाद अब तापमान अप्रैल में 43 के पार पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार राहत देने वाली बात यह है कि अगले 36 घंटे के बाद मौसम में तब्दीली हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर से उठे फैनी नामक चक्रवात का असर उप्र के अधिकांश क्षेत्रों में पडऩे वाला है। तूफान का सीधा असर वैसे उड़ीसा और इसके तटीय इलाकों में पड़ेगा इसकी वजह से दिल्ली में तेज हवाएं और हल्की बारिश की संभावना है। फैनी नामक चक्रवात पिछले कुछ दिनों से अरब सागर से सटे इलाकों में तूफान और बारिश लेकर आ रहा है। इसी तरह की स्थिति कानपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों होने की संभावना है। जिससे तापमान में पांच से छह डिग्री सेल्सियस की कमी आएगी। दो मई से लेकर करीब पांच मई तक मौसम ठीक रहने की संभावना है। रात के तापमान में भी कमी आएगी। इस बीच मंगलवार को चमड़ी झुलसाने वाली गर्मी ने दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटे जैसी स्थिति पैदा कर दी। भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि अगले 12 घंटों के दौरान चक्रवात फैनी के उत्तर पश्चिम की ओर बढऩे की संभावना है। इसके बाद यह तूफान गोपालपुर और चंबल के बीच ओडिशा तट को पार कर जाएगा। 3 मई को दोपहर में पुरी पहुंचने पर इस तूफान की अधिकतम गति 175-185 किमी प्रति घंटा से 205 किमी प्रति घंटा तक रहने की संभावना है। अप्रैल महीने में अब तक 30 तारीख को ही दो बार तापमान 40 से ऊपर जा चुका है। 2014 में 42.2 और 2009 में इसी दिन पारा 44.4 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। 2010 के अप्रैल में भी तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस गया है। 2017 के अप्रैल महीने में अधिकतम तापमान 43 डिग्री तक जा चुका है।