1. हिन्दी समाचार
  2. दो साल से दफ्तरों की धूल फांक रही वेब पॉलिसी की फाइल, सीएम योगी के आदेश के बावजूद निरंकुश हैं नौकरशाह

दो साल से दफ्तरों की धूल फांक रही वेब पॉलिसी की फाइल, सीएम योगी के आदेश के बावजूद निरंकुश हैं नौकरशाह

Web Policy In Up

By पर्दाफाश समूह 
Updated Date

लखनऊ। बीते दिनों सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी अफसरों को सख्त आदेश दिया था कि अफसर मुख्यालय में बैठने की बजाय फील्ड में जाकर सरप्राइज विजिट करें। उन्होंने कहा कि अगर विभाग में कोई भी फाइल तीन दिन से ज्यादा रुकी तो अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। सीएम योगी के इस आदेश को धता बताते हुए एक ऐसी फाइल सरकारी दफ्तरों की धूल फांक रही है, जिसमें संसोधन के लिए सूचना विभाग से जवाब मांगा गया था। पूरे दो साल के बाद भी इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया जा सका। ये मामला उत्तर प्रदेश में वेब नीति लागू करने का है, जिसे अभी तक टालमटोल कर लंबित रखा गया है।

पढ़ें :- कोरोना वायरस: पंजाब में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को दी जाएगी कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक

दरअसल, यूपी में न्यूज वेबसाइट्स को सरकारी विज्ञापन जारी करने के लिए वेब नीति लागू करने की सिफ़ारिश साल 2016 में की गयी थी। इस नीति को लागू करने की प्रक्रिया तकरीबन उस दौरान ही पूर्ण कर ली गयी थी लेकिन यूपी के सूचना विभाग ने इसे लागू करने की जहमत नहीं उठाई। साल दर साल वेब नीति में संसोधन और अफसरों का हवाला देकर इसे टाला जाता रहा। जब भी इस संदर्भ में लोगों ने विभागीय अधिकारियों से इस नीति के संदर्भ में बात की तो महज कुछ तर्क देकर बात को टाल दिया गया।

अब गौर करने वाली बात यह है कि अगर सूबे के मुखिया अफसरों को ऐसे सख्त आदेश देते हैं तो उन्हे जमीनी स्तर पर नौकरशाह किस हिसाब से अंजाम देते हैं, इसका अंदाजा इस एक फ़ाइल से साफ तौर पर लगाया जा सकता है। हालांकि वेब नीति के संशोधन के संदर्भ में अभी तक कोई भी जवाब विभागीय अफसरों को सौंपा नहीं गया है।

एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल इंडिया जैसे मुद्दे को बढ़ावा देते नजर आते हैं, जिस प्लेटफॉर्म पर आज देश के नौजवान अपना ज्यादातर समय व्यतीत करते हैं, उसी नीति को लागू करने में योगी सरकार को सालों लग रहे हैं और विभागीय अफसर इसे नजरंदाज करने में लगे हुए हैं।

पढ़ें :- किसान आंदोलन: कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग, किसानों ने कहा-बुलाए जाए संसद का विशेष सत्र

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...