कैसलेस हुईं शादी की अहम रस्में

पटना। नोटबंदी के बाद आए कैशलेस लेनदेन के तरीकों का असर सबसे ज्यादा शादी के आयोजनों में देखने को मिल रहा है। कहीं व्यवहारी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद स्वरूप दी जाने वाली भेंट चैक से दे रहे हैं तो कहीं बैंड वाले पेटीएम से शगुन स्वीकार कर रहे हैं। ऐसा ही कुछ हुआ है बिहार में जहां शादी करने पहुंचे दूल्हे ने जूता चुराई की रस्म के दौरान अपनी सालियों की मांग को पूरा करने के लिए चैक से शगुन दिया।




इस शादी में दूल्हा बने थे एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेट प्रभाकर चतुर्वेदी के सामने जब उनकी सालियों ने जूता चुराई की रस्म के बाद नोटों की मांग उठाई तो उन्होंने कैशलेस तरीके से मांग को पूरा करने का आॅफर रखा। जिसके बाद पहले तो सालियों ने थोड़ा हिचकिचाहट दिखाई लेकिन बाद में नए नवेले जीजा अपनी सालियों को चैक के बदले जूते वापस करने के लिए तैयार कर लिया।

प्रभाकर बताते हैं कि वह एसएसबी में असिस्टेंट कमांडेट है और बिहार राज्य के गया जिले में तैनात है। हालही में उनकी शादी हुई है और शादी की पूरी तैयारियां उन्होंने कैशलेस इंडिया योजना के तहत की हैं। यहाँ तक की जब उनसे शालियों ने जूते चुराई की नेग मांगी तो दुल्हे साहब ने यहां पर भी कैशलेस के रूप में जेब से चेकबुक निकालकर अमाउंट भरकर शालियों को पकड़ा दिया। पहले तो शालियां यह देखकर हैरान रह गयी, फिर उन्होंने जीजा जी का सम्मान करते हुए उनके इस फैसले का स्वागत किया, और चेक ले लिया।




प्रभाकर कहते हैं कि हमें कैशलेस इंडिया को बनाने में मोदी जी का सहयोग करना चहिये, और जहां तक हो सके, नगद रकम की जगह अपने पेमेन्ट चेक या कार्ड के माध्यम से करने चाहिए। इसलिए उन्होंने भी ऐसा रास्ता ही चुना है।