पश्चिम बंगाल: ‘जादू-टोने’ के कारण 2 मासूम बच्चों की मौत, 2 की हालत नाजुक

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पश्चिम बंगाल: 'जादू-टोने' के कारण 2 मासूम बच्चों की मौत, 2 की हालत नाजुक

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में जादू-टोने की वजह से दो बच्चों की मौत हो गयी है जबकि 2 की हालत नाजुक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि यह मामला मालदा जिले के गजोले थाना क्षेत्र स्थित कदमताली गांव का बच्चें जैसे ही जंगल से लौटे तो बेहोश हो गये थी, इसके बाद परिजनो ने जादू-टोने की आशंका जताई है।

West Bengal 2 Innocent Children Die Due To Witchcraft 2 In Critical Condition :

पुलिस जिला अधीक्षक आलोक रजोरिया ने कहा, ‘मृतक लड़कों की उम्र पांच और सात साल थी जबकि तीन और छह साल की दो बहनों को मालदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जांच शुरू कर दी गई है और मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है।’

वहीं बच्चों के परिजन ने बताया कि चारों लड़कों और दोनों लड़कियों पर जादू-टोना किया गया था। शुक्रवार शाम पास के जंगल से लौटने के बाद सभी बच्चे बेहोश हो गए थे। परिजनो का कहना है कि बच्चे वहां खेलने गए थे। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच से लगता है कि बच्चों ने जंगल से कोई जहरीला फल खा लिया था। वहीं घटना के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गयी और टीएमसी की स्थानीय विधायक दीपाली बिस्वास भी पीड़ित परिवारों से मिलने पंहुच गयी।

दीपाली बिस्वास ने कहा, ‘यह अंधविश्वास का मामला है। बच्चे बच गए होते अगर परिजन तांत्रिकों की बजाए उन्हें डॉक्टर के पास ले जाते। मैंने ग्रामीणों से ऐसे अंधविश्वासी बातों में यकीन नहीं करने की अपील की।’ स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि चिकित्सीय टीम को गांव भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में जादू-टोने की वजह से दो बच्चों की मौत हो गयी है जबकि 2 की हालत नाजुक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि यह मामला मालदा जिले के गजोले थाना क्षेत्र स्थित कदमताली गांव का बच्चें जैसे ही जंगल से लौटे तो बेहोश हो गये थी, इसके बाद परिजनो ने जादू-टोने की आशंका जताई है। पुलिस जिला अधीक्षक आलोक रजोरिया ने कहा, 'मृतक लड़कों की उम्र पांच और सात साल थी जबकि तीन और छह साल की दो बहनों को मालदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जांच शुरू कर दी गई है और मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है।' वहीं बच्चों के परिजन ने बताया कि चारों लड़कों और दोनों लड़कियों पर जादू-टोना किया गया था। शुक्रवार शाम पास के जंगल से लौटने के बाद सभी बच्चे बेहोश हो गए थे। परिजनो का कहना है कि बच्चे वहां खेलने गए थे। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच से लगता है कि बच्चों ने जंगल से कोई जहरीला फल खा लिया था। वहीं घटना के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गयी और टीएमसी की स्थानीय विधायक दीपाली बिस्वास भी पीड़ित परिवारों से मिलने पंहुच गयी। दीपाली बिस्वास ने कहा, 'यह अंधविश्वास का मामला है। बच्चे बच गए होते अगर परिजन तांत्रिकों की बजाए उन्हें डॉक्टर के पास ले जाते। मैंने ग्रामीणों से ऐसे अंधविश्वासी बातों में यकीन नहीं करने की अपील की।' स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि चिकित्सीय टीम को गांव भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है।