मुंबई अहमदाबाद रूट पर रेलवे के नुकसान ने बुलेट ट्रेन के भविष्य पर उठाए सवाल

Bullet Train
मुंबई अहमदाबाद रूट पर रेलवे के नुकसान से बुलेट ट्रेन के भविष्य पर उठे सवाल

Western Railway Lose On Mumbai Ahemdabad Rout Raised Question Mark On Future Of Bullet Train

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जापान की सहायता से देश की दो सबसे बड़ी औद्योगिक नगरियों मुंबई और अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का शिलान्यास कर दिया है। बुलेट ट्रेन के रूप में नई तकनीकि का भारत में आने से एक ओर भारत की तरक्की से जोड़कर देखा जा रहा है तो दूसरी ओर करीब एक लाख करोड़ का कर्ज लेकर खड़े किए जा रहे इस प्रोजेक्ट के भविष्य को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। विपक्षीय पार्टियां पहले दिन से बुलेट ट्रेन की उपयोगिता को लेकर मुखर रहीं तो वहीं रेलवे की ओर से जी गई जानकारी ने इस प्रोजेक्ट के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में वेस्टर्न रेलवे की ओर से बताया गया है कि वेस्टर्न रेलवे के अंतर्गत आने वाला मुंबई अहमदाबाद और अहमदाबाद मुंबई रूट पिछले तीन महीनों से घाटे का सौदा बन गया है। इस रूट पर वर्तमान में 31 मेल और एक्सप्रेस गाड़ियां संचालित हो रहीं हैं जो राजस्व की दृष्टि से औसतन प्रतिमाह 10 करोड़ के नुकसान का कारण बन रहीं हैं। ​गत् तीन माह के भीतर ही वेस्टर्न रेलवे को करीब 30 करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ है।

रेलवे के मुताबिक इस रूट पर चलाई जा रहीं ट्रेनों की 40 फीसदी सीटें खाली रह रहीं हैं। मुंबई और अहमदाबाद के बीच लोगों की पहली पसंद रहने वाली शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रियों की संख्या करीब 50 फीसदी कम हुई है। कभी इस गाड़ी में खाली सीटें नहीं मिलतीं थीं।

अधिकारियों के मुताबिक रेलवे की ओर से इस रूट पर किसी नई गाड़ी के चलाए जाने का प्रस्ताव भी नहीं भेजा गया। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि मुंबई और अहमदाबाद के बीच
रेलवे के इस नुकसान की बहुत बड़ी वजह, हवाई सफर के प्रति लोगों का बढ़ता भरोसा और सड़क मार्ग की बेहतरी भी है। लोगों ने सड़क मार्ग के सुगम होने के बाद यात्री अपने वाहनों से का प्रयोग अधिक करने लगे हैं।

अगर रेलवे की ओर से जारी आंकड़ों को सही माने तो मुंबई और अहमदाबाद के बीच भविष्य में चलने वाली बुलेट ट्रेन वर्तमान में घाटे का सौदा नजर आ रही है। बेशक यह प्रोजेक्ट बेहद कम ब्याज दर जापान से मिल रहे मैत्री लोन से तैयार हो रहा हो, लेकिन इसकी उपयोगिता सवालों के घेरे में है।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जापान की सहायता से देश की दो सबसे बड़ी औद्योगिक नगरियों मुंबई और अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का शिलान्यास कर दिया है। बुलेट ट्रेन के रूप में नई तकनीकि का भारत में आने से एक ओर भारत की तरक्की से जोड़कर देखा जा रहा है तो दूसरी ओर करीब एक लाख करोड़ का कर्ज लेकर खड़े किए जा रहे इस प्रोजेक्ट के भविष्य को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। विपक्षीय…