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माता सीता ने वनवास के दौरान आखिर किस रंग के पहने थे कपड़े, और क्यों… जानिए वजह

By आराधना शर्मा 
Updated Date

लखनऊ: आप सभी ने रामायण देखी या सुनी या पढ़ी होगी। ऐसे में अब भी कई लोग हैं जो रामायण से जुड़ी कई बातों से अनजान हैं। ऐसे में इसी से जुड़ा एक सवाल टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति के 12वें सीजन में पूछा गया था। पूछा जाने वाला सवाल ये था कि रावण द्वारा अपहरण के दौरान माता सीता ने कौन से रंग के कपड़े पहने हुए थे?

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वहीं जब रामायण से जुड़े इस सवाल का जवाब हॉट सीट पर बैठी प्रतिभागी नहीं दे पाईं तो उन्होंने प्रतियोगिता से बाहर निकलने का फैसला ले लिया। वैसे इस सवाल का सही जवाब पीला रंग है। भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने पूरे वनवास के दौरान केवल पीले रंग के वस्त्र धारण किए थे।

राम ने वनवास के दौरान इस रंग के कपड़ों को धरण

अब आज हम आपको बताने जा रहे हैं इस रंग के कपड़े पहनने के पीछे की बड़ी वजह। जब भगवान राम को 14 साल के वनवास में रहने का आदेश मिला था तो माता सीता भी उनके साथ गईं थीं। वहीं वनवास का मतलब ही होता है कि सारे मोह-माया और सबसे अहम तौर पर वैभव का त्याग करना।

उस समय भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने पीले रंग के कपड़े पहन लिए थे। वैसे तो साधु-संतों में गेरुए रंग के कपड़े पहनने की परंपरा है क्योंकि मान्यता यह है कि गेरुए रंग के कपड़े संसार त्याग को दर्शाते हैं। गेरुए रंग के कपड़े पहनने का मतलब केवल गृहत्याग ही नहीं, बल्कि गृहस्थ जीवन को भी छोड़ देना होता है।

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आप सभी को हम यह भी बता दें कि राम-सीता संन्यास लेकर नहीं बल्कि वचनबद्ध होकर वनवास जा रहे थे, लिहाजा उन्होंने गेरुए की जगह पीले रंग के वस्त्रों को चुना। हिंदू धर्म में पीले रंग का बहुत खास महत्व है। धार्मिक और महत्वपूर्ण कामों में इस रंग की महत्ता सबसे ऊपर होती है और ऐसी मान्यता है कि ये रंग देवताओं का प्रिय है।

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