1. हिन्दी समाचार
  2. राजनीति
  3. यूपी पंचायत चुनाव में क्या और होगी देरी ?

यूपी पंचायत चुनाव में क्या और होगी देरी ?

What Else Will Be Delayed In Up Panchayat Elections

By टीम पर्दाफाश 
Updated Date

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पंचायतों के पुर्नगठन और परिसीमन का काम लगातार पिछड़ने से अगले साल होने वाले त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी बाधित हो रही है। बीते 6 नवम्बर को मुरादाबाद, गोण्डा और सम्भल जिलों की पंचायतों के पुर्नगठन का शासनादेश जारी किया गया है। 2015 के पंचायत चुनाव में इन तीन जिलों में राजनीतिक विवाद के चलते पंचायतों का पुर्नगठन नहीं हो सका था और 2010 में इन जिलों की पंचायतों की जो स्थिति थी, उसी के आधार पर चुनाव करवा दिया गया था।

पढ़ें :- यूपी में शीतलहर से तीन दिन राहत नहीं, कई हिस्सों में बारिश के आसार

अब इस बार इन जिलों में पंचायतों के पुर्नगठन की प्रक्रिया शुरू हुई है जो कि 1 4 दिसम्बर तक चलेगी। उसके बाद वार्डों की संख्या तय हो जाने पर प्रदेश की सभी पंचायतों का संक्षिप्त परिसीमन होगा यह काम डेढ़ महीने तक चलेगा तब तक 31 जनवरी आ जाएगी। इसके बाद वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण शुरू होगा जो कि डेढ़ से दो महीने का समय लगेगा। इस लिहाज से मार्च का महीना लग जाएगा।

राज्य निर्वाचन आयोग पंचायतों के पुर्नगठन, संक्षिप्त परीसीमन, सीटों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहा है। आयोग के अपर निर्वाचन आयुक्त वेद प्रकाश वर्मा का कहना है कि हमारी तैयारी समय सारिणी के अनुसार ही चल रही हैं। पंचायतीराज विभाग और प्रदेश शासन पंचायतों के पुर्नगठन, संक्षिप्त परिसीमन और सीटों के आरक्षण का काम पूरा करके आयोग को जानकारी दे तो आयोग वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण का काम शुरू करे। आरक्षण निर्धारण के लिए भी प्रदेश सरकार को कैबिनेट से प्रस्ताव पास करवाना होगा।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि दो बच्चों से ज्यादा होने पर परिवार के मुखिया को पंचायत चुनाव लड़ने की अनुमति न देने का निर्णय प्रदेश सरकार को लेना है अब सरकार पंचायतीराज अधिनियम में संशोधन करने के लिए अध्यादेश लाती है।

पढ़ें :- जौहर यूनिवर्सिटी को टेकओवर करने की तैयारी तेज

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...