गलवान में जो हुआ वो चीन की साजिश थी: विदेश मंत्री

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नई दिल्ली: LAC पर सोमवार रात को हुई हिंसक झड़प पर भारत ने चीन को कड़ा संदेश दिया है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को कहा कि गलवान में जो कुछ भी हुआ वो चीन की प्लानिंग थी. चीन ने जमीनी हालात को बदलने की साजिश की. उसकी मंशा तथ्यों को बदलने की है. एस जयशंकर ने ये बातें बुधवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी से फोन पर हुई बातचीत में कही.

What Happened In Galvan Was A Chinese Conspiracy Foreign Minister :

एस जयशंकर ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से कहा कि गलवान में जो कुछ भी हुआ, उसे चीन ने काफी सोची-समझी और पूर्वनियोजित रणनीति के तहत अंजाम दिया है. इसलिए, भविष्य की घटनाओं की जिम्मेदारी उसी पर होगी. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि इस घटना का द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा.

इस बातचीत में चीन के विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मतभेदों से उबरने के लिए दोनों पक्षों को मौजूदा तंत्रों के जरिए बातचीत और समन्वय का रास्ता और दुरुस्त करना चाहिए. चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि 15 जून की शाम को दोनों मोर्चे के बीच सैन्य-स्तर की बैठक में जो सर्वसम्मति बनी थी उसको भारतीय सैनिकों ने तोड़ दिया. उन्होंने कहा कि गलवान घाटी में स्थिति सामान्य होने पर भारतीय सैनिकों ने LAC को पार किया और हमारे सैनिकों को उकसाया.

वांग यी ने कहा कि भारतीय सेना ने सीमा मुद्दे पर दोनों देशों के बीच समझौते का उल्लंघन किया. उन्होंने भारत से इस घटना की जांच करने की मांग की है. और कहा कि जो भी इसके लिए जिम्मेदार है उसको सजा दी जाए. जिससे आगे ऐसी कोई घटना न हो.

बता दें कि कि 15 जून की रात लद्दाख की गलवान घाटी में LAC पर चीन और भारत की सेना में हिंसक झड़प हुई थी. इस हिंसा में भारत के 20 जवान शहीद हो गए हैं. जानकारी ये भी है कि चीन के करीब 40 जवान हताहत हुए हैं, लेकिन चीन ने अब आधिकारिक तौर पर कोई संख्या नहीं बताई है. साथ ही चीन ने भारत पर ही कार्रवाई का आरोप लगाया है. जबकि भारत ने साफ तौर पर कहा है कि ये पूरी घटना चीन की हिमाकत का नतीजा है.

नई दिल्ली: LAC पर सोमवार रात को हुई हिंसक झड़प पर भारत ने चीन को कड़ा संदेश दिया है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को कहा कि गलवान में जो कुछ भी हुआ वो चीन की प्लानिंग थी. चीन ने जमीनी हालात को बदलने की साजिश की. उसकी मंशा तथ्यों को बदलने की है. एस जयशंकर ने ये बातें बुधवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी से फोन पर हुई बातचीत में कही. एस जयशंकर ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से कहा कि गलवान में जो कुछ भी हुआ, उसे चीन ने काफी सोची-समझी और पूर्वनियोजित रणनीति के तहत अंजाम दिया है. इसलिए, भविष्य की घटनाओं की जिम्मेदारी उसी पर होगी. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि इस घटना का द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा. इस बातचीत में चीन के विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मतभेदों से उबरने के लिए दोनों पक्षों को मौजूदा तंत्रों के जरिए बातचीत और समन्वय का रास्ता और दुरुस्त करना चाहिए. चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि 15 जून की शाम को दोनों मोर्चे के बीच सैन्य-स्तर की बैठक में जो सर्वसम्मति बनी थी उसको भारतीय सैनिकों ने तोड़ दिया. उन्होंने कहा कि गलवान घाटी में स्थिति सामान्य होने पर भारतीय सैनिकों ने LAC को पार किया और हमारे सैनिकों को उकसाया. वांग यी ने कहा कि भारतीय सेना ने सीमा मुद्दे पर दोनों देशों के बीच समझौते का उल्लंघन किया. उन्होंने भारत से इस घटना की जांच करने की मांग की है. और कहा कि जो भी इसके लिए जिम्मेदार है उसको सजा दी जाए. जिससे आगे ऐसी कोई घटना न हो. बता दें कि कि 15 जून की रात लद्दाख की गलवान घाटी में LAC पर चीन और भारत की सेना में हिंसक झड़प हुई थी. इस हिंसा में भारत के 20 जवान शहीद हो गए हैं. जानकारी ये भी है कि चीन के करीब 40 जवान हताहत हुए हैं, लेकिन चीन ने अब आधिकारिक तौर पर कोई संख्या नहीं बताई है. साथ ही चीन ने भारत पर ही कार्रवाई का आरोप लगाया है. जबकि भारत ने साफ तौर पर कहा है कि ये पूरी घटना चीन की हिमाकत का नतीजा है.