चेक बाउंस होने की स्थिति में फौरन करें ये काम, नहीं डूबेंगे आपके पैसे

चेक बाउंस होने की स्थिति में फौरन करें ये काम, नहीं डूबेंगे आपके पैसे
चेक बाउंस होने की स्थिति में फौरन करें ये काम, नहीं डूबेंगे आपके पैसे

लखनऊ। कई बार ऐसा होता है जब आपको कोई चेक के जरिए पेमेंट करता है तो आप उसे कैश कराने के लिए बैंक में जमा करते हैं लेकिन अगर उस वक्त चेक जारी करने वाले के खाते में उतने पैसे नहीं होते हैं तो बैंक उस चेक को dishonour कर देता है। जिसे चेक बाउंस कहते हैं और इसके बाद बैंक की ओर से आपको एक स्लिप भी दी जाती है, जिसमें चेक बाउंस होने की वजह लिखी होती है।

What To Do After Cheque Bounce :

चेक बाउंस होने पर क्या करें—

अगर आपका चेक बाउंस हो जाता है, तो सबसे पहले एक महीने के अंदर चेक जारी करने वाले को लीगल नोटिस भेजना होता है। जिसमें कहा जाता है कि उसने जो चेक दिया था वह बाउंस हो गया है अब वह 15 दिन के अंदर चेक की राशि उसको दे दे। इसके बाद अगर 15 दिन में चेक देने वाला पैसे का भुगतान कर देता है तो मामला यहीं सुलझ जाता है। लेकिन अगर चेक जारी करने वाला लीगल नोटिस का जवाब नहीं देता है, तो आप निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट 1881 की धारा 138 के तहत सिविल कोर्ट में केस फाइल कर सकते हैं। ऐसा करने वाले को 2 साल की सजा और जुर्माना दोनों हो सकता है और जुर्माने की राशि चेक राशि का दोगुना भी हो सकती है।

इन स्थितियों में बाउंस होता है चेक

  • अगर चेक जारी करने वाले के बैंक अकाउंट में पैसा नहीं है।
  • अगर चेक जारी करने वाले के बैंक अकाउंट में चेक में लिखी गई धनराशि से कम पैसा है।
  • चेक जारी करने वाले ने सिग्नेचर सही नहीं किया है।
लखनऊ। कई बार ऐसा होता है जब आपको कोई चेक के जरिए पेमेंट करता है तो आप उसे कैश कराने के लिए बैंक में जमा करते हैं लेकिन अगर उस वक्त चेक जारी करने वाले के खाते में उतने पैसे नहीं होते हैं तो बैंक उस चेक को dishonour कर देता है। जिसे चेक बाउंस कहते हैं और इसके बाद बैंक की ओर से आपको एक स्लिप भी दी जाती है, जिसमें चेक बाउंस होने की वजह लिखी होती है। चेक बाउंस होने पर क्या करें--- अगर आपका चेक बाउंस हो जाता है, तो सबसे पहले एक महीने के अंदर चेक जारी करने वाले को लीगल नोटिस भेजना होता है। जिसमें कहा जाता है कि उसने जो चेक दिया था वह बाउंस हो गया है अब वह 15 दिन के अंदर चेक की राशि उसको दे दे। इसके बाद अगर 15 दिन में चेक देने वाला पैसे का भुगतान कर देता है तो मामला यहीं सुलझ जाता है। लेकिन अगर चेक जारी करने वाला लीगल नोटिस का जवाब नहीं देता है, तो आप निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट 1881 की धारा 138 के तहत सिविल कोर्ट में केस फाइल कर सकते हैं। ऐसा करने वाले को 2 साल की सजा और जुर्माना दोनों हो सकता है और जुर्माने की राशि चेक राशि का दोगुना भी हो सकती है। इन स्थितियों में बाउंस होता है चेक
  • अगर चेक जारी करने वाले के बैंक अकाउंट में पैसा नहीं है।
  • अगर चेक जारी करने वाले के बैंक अकाउंट में चेक में लिखी गई धनराशि से कम पैसा है।
  • चेक जारी करने वाले ने सिग्नेचर सही नहीं किया है।