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जब दिव्यांग सलमान को नहीं मिली नौकरी तो खोल दी अपनी फैक्ट्री, पीएम मोदी ने भी की सराहना

By शिव मौर्या 
Updated Date

When Divyang Salman Did Not Get A Job He Opened His Factory Pm Modi Also Appreciated

मुरादाबाद। कहते हैं मन मे कुछ करने का जज्बा हो तो कोई काम मुश्किल नहीं होता। ये कहावत सच कर दिखलाई है मुरादाबाद के रहने वाले दिव्यांग सलमान ने। नौकरी की तलाश में निकले सलमान को जब किसी ने नौकरी नहीं दी। जिसका कारण था उसका दिव्यांग होना। जिसके बाद सलमान ने खुद अपनी फैक्ट्री लगाकर अपने जैसे दिव्यांगों को नौकरी देने की ठान ली। सलमान ने दिव्यांगों की मदद करने के लिए एक फैक्टी शुरू की। नौकरी की तलाश में निकले दिव्यांगों को अब इस फैक्ट्री में काम दिया जा रहा है।

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वहीं सलमान के जज्बे का डंका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कानों तक पहुंचा है। सलमान के जज्बे से प्रभावित होकर मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में इसका जिक्र किया है। जनपद के मुख्यालय से 20 किमी दूर काशीपुर हाईवे से सटे हमीरपुर गांव की फैक्ट्री आज चर्चा में है। असल में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कार्यक्रम मन की बात में इस फैक्ट्री और इसे शुरू करने वाले सलमान का जिक्र किया है।

जिसके बाद से फैक्ट्री के सभी कर्मचारी और खुद सलमान बेहद खुश है। प्रधानमंत्री के मुंह से अपना नाम सुन उसका हौसला भी बड़ा है। फैक्ट्री शुरू करने वाले सलमान इंटर पास हैं और बचपन से ही दिव्यांगता से जूझ रहे हैं। दिव्यांगता के चलते सलमान को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने अब अपने जैसे अन्य दिव्यांगों की मदद का जिम्मा उठाया है। जिसके बाद सलमान ने फैक्ट्री शुरू की और आज रोजगार तलाश कर रहे दिव्यांगों को इस फैक्ट्री में काम मिल रहा है।

साबुन, सर्फ और चप्पल तैयार कर रहे दिव्यांगकर्मी खुद ही डोर-टू-डोर जाकर अपना उत्पाद बेच रहे हैं। फैक्ट्री के संचालन से लेकर उत्पादन और मार्केटिंग तक दिव्यांग काम मिलने से खुश नजर आ रहे है। वहीं भविष्य में इसे और बड़े स्तर पर ले जाने की योजना बना रहे हैं। फैक्ट्री में तैयार सामान को दिव्यांगकर्मी गांवों में जाकर बेचते हैं। जिसके लिए उन्हें अच्छा कमीशन दिया जाता है। यह फैक्ट्री बिना किसी सहायता के चल रही है। काम की तलाश कर रहे दिव्यांगों के लिए बनाई गई इस फैक्ट्री में हर रोज कई नए आवेदन पहुंचते हैं।

पांच लाख रुपये जमा कर रखी फैक्ट्री की नींव
दिव्यांग सलमान और उनके साथियों ने पांच लाख रुपये जमा कर इस फैक्ट्री की नींव रखी और आज इनकी फैक्ट्री में बने उत्पाद पसंद किए जा रहे हैं। सलमान भविष्य में इस फैक्ट्री को बड़े स्तर पर शुरू कर काम तलाश रहे दिव्यांगों को सहारा देना चाहते हैं। सलमान के इस प्रयास से जहां तंगहाली की जिंदगी जी रहे दिव्यांग खुद को आर्थिक तौर पर मजबूत कर रहे हैं। वहीं स्थानीय लोग भी सराहना कर रहे हैं। तो वही सलमान और उनके साथियों ने बैंक से लोन लेने के लिए आवेदन भी किया है। मोदी तक उनका काम पहुचने के बाद अब उन्हें लगता है की स्थानीय प्रशासन भी उनकी मदद करेगा।

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अपने ही प्रयासों से तकदीर बदलने में जुटे
केंद्र और राज्य सरकार भले ही दिव्यांगों के लिए कई योजनाएं चला रही हो। लेकिन सलमान और उनके साथी अपने ही प्रयासों से अपनी तकदीर बदलने में जुटे हैं। रोजगार पाने में इनके सामने दिव्यांगता एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन आज ये अपने प्रयास से दिव्यांगता को ही चुनौती देते नजर आते हैं।

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